दस्तावेजों में नया खुलासा आठ विभागों के नाम के आगे लिखा 124 करोड़ 20 लाख

दस्तावेजों में नया खुलासा आठ विभागों के नाम के आगे लिखा 124 करोड़ 20 लाख

एमपी की राजनीत में अचानक सियासी पारा तेज़ हो जाता है चुनाव में कालेधन के इस्तेमाल से उठे सियासी उफान के बीच आयकर के दस्तावेजों में नया खुलासा हुआ है। विधानसभा और लोकसभा चुनाव से पहले हुए लेन-देन से जुड़ी आयकर विभाग की अप्रेजल रिपोर्ट में आठ विभागों के नाम के आगे लाखों करोड़ों  रुपए का जिक्र किया गया है। इसमें सर्वाधिक राशि परिवहन विभाग और आबकारी विभाग के आगे लिखी है। चुनाव आयोग के निर्देश के बाद राज्य सरकार द्वारा आर्थिक अपराध ईओडब्ल्यू को केस सुपुर्द करते ही जांच का दायरा तीन आईपीएस अधिकारियों और एक राज्य पुलिस सेवा के अफसर के साथ परिवहन और आबकारी विभागों तक भी पहुंचेगा। जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस केस के बारे में जानकारी दे दी गई है। एक-दो दिन बाद ईओडब्ल्यू को केस सौंपा जा सकता है।इस बीच भाजपा दफ्तर पहुंचे मुख्यमंत्री से मीडिया कर्मियों के द्वारा जब इस संबंध में सवाल पूंछे गए तो सरकार में शामिल कुछ मंत्रियों और विधायकों के साथ नेताओं के नाम भी शामिल होने की जानकरी सामने आई लेकिन इस संबंद्ध में मुख्यमंत्री ने कहा की इस पर कानून अपना काम करेगा। आम चुनाव में दिग्विजय सिंह भोपाल संसदीय सीट से प्रत्याशी रहे। आयकर के दस्तावेजों में उन्हें 90 लाख दिए जाने के साथ कंप्यूटर बाबा का भी जिक्र है। बाबा उस समय भोपाल में दिग्विजय सिंह के लिए ही प्रचार कर रहे थे। जिनके नाम के आंगे आगे 25 लाख रुपये का जिक्र किया गया है| अप्रैल 2019 में पड़े आयकर छापे के दौरान प्रतीक जोशी के घर से एक डायरी भी मिली, जिसमें चुनाव के लिए पैसा देने और लेने वालों के नाम लिखे हैं। इसी में कुछ विभागों के भी नाम हैं। साथ ही बैलेंस शीट व खर्च का भी उल्लेख है। इस सूची का मिलान ललित छजलानी घर से लैपटॉप में मिली सूची से किया गया, छजलानी के घर से मिली सूची की एक्सएल फाइल को लोकसभा लिखा गया है। अप्रेजल रिपोर्ट में बसपा विधायकों से जुड़ी जानकारी का भी जिक्र है। एक रसीद है, जिसमें बसपा विधायक संजीव सिंह के द्वारा 25 लाख लेने का जिक्र है। एक जगह सूची में संजीव सिंह के नाम के आगे 10 लाख लिखा है। इसी तरह बसपा की दूसरी विधायक रामबाई के नाम के आगे 36 लाख 50 हजार लिखा है।