जबलपुर और नागपुर के बीच 181 किलोमीटर की दूरी हुई कम, 21 साल इंतजार के बाद चली पहली सुपरफास्ट ट्रेन

जबलपुर और नागपुर के बीच 181 किलोमीटर की दूरी हुई कम, 21 साल इंतजार के बाद चली पहली सुपरफास्ट ट्रेन

21 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार वो ऐतिहासिक क्षण आया जब रविवार की शाम को जबलपुर-गोंदिया ब्रॉडगेज परियोजना के पूर्ण होने के बाद जबलपुर रेलवे स्टेशन पर गया-चेन्नई सेंट्रल सुपरफास्ट ट्रेन पहुँची और यात्रियों को लेकर नैनपुर के रास्ते बालाघाट-गोंदिया की ओर रवाना हुई। 1755 करोड़ रुपए की लागत से पूरी हुई ब्रॉडगेज परियोजना से जबलपुर और नागपुर के बीच 181 किलोमीटर की दूरी कम हो गई है। इससे यात्रियों का करीब 3 घंटे का समय बचेगा। वहीं दक्षिण भारत की दूरियाँ भी कम होने से व्यापार और  पर्यटन को नई दिशा मिलेगी, रोजगार और शिक्षा के नए अवसर पैदा होंगे, साथ ही ग्रामीण पारम्परिक कलाओं को नई पहचान मिलेगी। ब्रॉडगेज लाइन पर तेज गति से दौडऩे वाली ट्रेनों से आने वाले समय में सिवनी, बालाघाट और मंडला जैसे ग्रामीण लेकिन तेजी से विकास की ओर बढ़ रहे क्षेत्रों के विकास की नई गाथा लिखी जाएगी। इस ट्रैक पर ये बड़े स्टेशनों के रूप में उभर कर आएँगे। कान्हा, पेंच जैसे पर्यटन स्थलों के साथ औद्योगिक विकास भी इन अंचलों में गति हासिल करेगा।