कोरोना टीका लगने के बाद नर्सों की तबियत बिगड़ी

कोरोना टीका लगने के बाद नर्सों की तबियत बिगड़ी

दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीनेशन अभियान के तहत शनिवार को उज्जैन में भी 5 अलग-अलग सेंटरों पर इसकी शुरुआत हुई. लेकिन, वैक्सीनेशन को 24 घंटे भी नहीं बीते हैं कि टीके लगवाने वाली यहां की 3 स्टाफ नर्स को उल्टी, दस्त, बुखार, जी घबराना और सांस लेने में तकलीफ होने की शिकायत मिली है.वैक्सीनेशन के बाद तीन स्टाफ नर्सों की तबीयत जायदा खराब होने की शिकायत के बाद उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. नर्सों के बीमार होने की खबर लगते ही डॉक्टर और जिले के टीकाकरण अधिकारी पहुंच गए और तीनों का चेकअप किया. जानकारी के मुताबिक, डॉक्टरों ने नर्सों को घर पर आराम करने की सलाह दी है. बताया जाता है कि इन तीनो में एक नर्स की हालत ज्यादा खराब है. उसे बुखार के अलावा सांस लेने में भी काफी दिक्कत हो रही है. बैतूल की रहने वाली यह नर्स को कल कोरोना का टीका लगा था. उसके बाद आधे घंटे के ऑब्जर्वेशन पीरियड में कुछ नही हुआ तो वह ड्यूटी पर चली गई. उसने बताया कि दोपहर करीब 2 बजे बाद उसका जी घबराना शुरू हुआ और शाम होते होते सांस लेने में तकलीफ होने लगी. वहीं, महिमा ने भी बताया कि उसे लूज मोशन के साथ-साथ बुखार भी आ रहा है.जिला टीकाकरण अधिकारी ने बताया कि ये सामान्य प्रक्रिया है. वैक्सीनेशन के बाद किसी को भी बुखार आ सकता है. फिर भी हम इन्हें ऑब्जरवेशन में रख रहे है. हमने इनका पूरा चेकअप कर लिया है. घबराने की कोई बात नहीं है.वैक्सीनेशन की शुरुआत कल सबसे पहले फ्रंट लाइन कोरोना वॉरियर्स से हुई. मध्य प्रदेश में पहले फेज में 4 लाख 16 हजार लोगों को टीका लगाया जाएगा.इनमें से 3 लाख 31 हजार सरकारी क्षेत्र के स्वास्थ्य कर्मी हैं और बाकी निजी क्षेत्र के हैं. स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी ने बताया कि कई लोग सवाल पूछ रहे हैं कि मंत्री और अधिकारी क्या सबसे पहले टीका लगवाएंगे. मैं सभी को बताना चाहता हूं कि ऐसा नहीं है. पहले फेज में सिर्फ फ्रंट लाइन वर्कर्स और सबसे ज्यादा रिस्क वाले लोगों को लगाया जाएगा. सबसे अंत में आम लोगों के साथ ही नेताओं, मंत्रियों और अधिकारियों को टीका लगाया जाएगा.