प्रदेश सरकार और ठेकेदारों के बीच विवाद जारी, जानिए क्या है सरकार का अगला कदम

प्रदेश सरकार और ठेकेदारों के बीच विवाद जारी, जानिए क्या है सरकार का अगला कदम

मध्य प्रदेश में सरकार और ठेकेदारों के बीच जारी विवाद के बीच खबरें या सामने आ रही है कि अब होमगार्ड्स शराब भेचेंगे। मध्यप्रदेश में 70 फ़ीसदी ठेकेदारों के शराब दुकान के ठेके सरेंडर करने के बाद आबकारी विभाग को दूसरे विभागों को मदद की दरकार है| प्रदेश में शराब की दुकानें चलाने के लिए होमगार्ड से मदद मांगी है इस संबंध में आबकारी आयुक्त डीजी होमगार्ड को चिट्ठी भी लिखी है आबकारी आयुक्त ने पत्र में लिखा है कि शराब दुकानें फिर से खोलने में 15 दिन से लेकर 1 महीने तक का समय लग सकता है इसलिए तब तक के लिए करीब 1000 दुकानें विभाग को खुद चलानी पड़ेगी| इतनी बड़ी संख्या में दुकाने चलाना विभाग के लिए संभव नहीं है क्योंकि हमारे पास इतना अमला ही नहीं है| जो स्टाफ हमारे पास है उसकी ड्यूटी अवैध शराब की बिक्री रोक लगाई गई है। ऐसे में होमगार्ड की मदद से दुकान खोली जा सकती है। आबकारी आयुक्त ने डीजी होमगार्ड को जिलेवार लिस्ट दी है जिसमें यह जानकारी है कि कहां कितनी दुकानें खोली जानी है और कितनी जवानों की जरूरत पड़ेगी सूची के मुताबिक देशभर में शराब दुकानों के लिए 4000 होमगार्ड जवान मांगे गए हैं अलग-अलग जिलों के हिसाब से अलग-अलग जरूरते होती हैं और इसी को मद्देनजर रखते हुए आबकारी आयुक्त ने पूरी लिस्ट होमगार्ड को भेज दी है।बता दें कि हाई कोर्ट से अंतरिम आदेश आने के बाद शराब ठेकेदारों ने दुकान सरेंडर करना शुरू कर दिया 70 फ़ीसदी सरेंडर हो चुके है। प्रदेश में अब सिर्फ 30 से 33% ठेकेदार ही दुकान चलाएंगे बता दें कि जिन शहरों में ठेकेदारों ने ठेके सरेंडर किए है उन्ही में से 70 फ़ीसदी राजस्व आता था। सरकार आप नए सिरे से टेंडर जारी कर दुकाने नीलाम करने की तैयारी में है।