सुप्रीम कोर्ट रूम को फिर से खोलने की मांग, AOR ने CJI को लिखी चिट्ठी

सुप्रीम कोर्ट रूम को फिर से खोलने की मांग, AOR ने CJI को लिखी चिट्ठी

 

कोरोना संकट के कारण सुप्रीम कोर्ट में मामलों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की जा रही है. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हो रही सुनवाई पर सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन ने कहा कि 95 फीसदी वकील वर्चुअल सुनवाई में सहज नहीं है. इसके चलते कानोनी व्यस्था को बनाए रखना और लोगों को सही समय में न्याय दिलाने में कई प्रकार की समस्याए उत्पन्न हो रही हैं | उन्होंने जन सुनवाई यानी कोर्ट रूम में सुनवाई को फिर से शुरू करने की मांग की है. जिस से लोगों को र्राहत मिलेगी

सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया  एसए बोवड़े को खत लिखकर कहा कि अधिकतर वकील वर्चुअल सुनवाई में सहजता नहीं महसूस कर रहे हैं. कई वकील अपने केस की पैरवी वर्चुअल मीडियम में सही तरीके से नहीं कर पा रहे हैं जिसके चलते केस नहीं सुलझ पा रहे हैं अनेक परेशानिया नयी चुनौतिया बनके सामने. आ रही  हैं

एसोसिएशन ने कहा कि जब किसी केस में अधिक याचिकाकर्ता और अधिक वकील होते हैं तो सभी लोगों को अपनी दलील रखने का समय नहीं मिल पाता है. कोआर्डिनेटर की ओर से उनका माइक बंद कर दिया जाता है, जिससे उनकी बात बिना सुने सुनवाई हो जाती है.

एओआर एसोसिएशन ने कहा कि कई बारऑडियो और वीडियो क्वालिटी खराब होती   हैं जिस वजह से वकीलों को सुनवाई के दौरान अपनी दलील रखने में दिक्कत आती है. एसोसिएशन ने फिर से पब्लिक हीयरिंग यानी जन सुनवाई को शुरू करने की मांग की है. इसके लिए एसोसिएशन की ओर से कई सुझाव भी दिए गए हैं.

एओआर एसोसिएशन ने कहा कि कोर्ट के अंदर कम संख्या में वकीलों को आने की इजाजत दी जाए. कोर्ट रूप में इंटर्न और लॉ स्टूडेंट की एंट्री बैन की जाए. कर्मियों की आवाजाही के लिए नियम बनाए जाएं और कोर्ट रूम में आने वाले हर व्यक्ति के लिए मास्क और हाथों को सैनिटाइज करना अनिवार्य किया जाए.