नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) परीक्षा के परिणाम ने इस बार विद्यार्थियों के सपनों पर फिरा पानी

नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) परीक्षा के परिणाम ने इस बार विद्यार्थियों के सपनों पर फिरा पानी

कोरोना महामारी के बीच नीट के एग्जाम को लेकर काफी जनाक्रोश देखनो को मिल रहा कई पार्टियों के द्वारा भी पेपर कैंसिल को लेकर हड़ताल हो रहे थे देशभर के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए होने वाली नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) परीक्षा के परिणाम ने इस बार विद्यार्थियों के सपनों पर पानी फेर दिया। जानकारी के अनुसार इस वर्ष शहर के जिस विद्यार्थी को 720 में से 680 अंक प्राप्त हुए है वे टॉप 500 ऑल इंडिया रैंक में शामिल नहीं हो पाए। जबकि पिछले सालों में 2018 के परिणाम में 690 अंक लाने वाले विद्यार्थी को ऑल इंडिया रैंक एक प्राप्त हुई थी। 2019 में 701 अंक लाने वाला विद्यार्थी ऑल इंडिया टॉपर था। 670 अंक लाने वाला विद्यार्थी टॉप 100 रैंक में शामिल था। वहीं 2020 के नीट परिणाम में 720 अंक वाला विद्यार्थी ऑल इंडिया टॉपर रहा है। 50वीं रैंक पर 701 अंक वाले को जगह मिली है।   बता दे की यह आकड़े दिखाते हैं कि इस बार अंक अच्छे आने के बाद भी विद्यार्थियों की रैंक कम रही है। इसका कारण बताया जा रहा है कि परीक्षा में सामान्य प्रश्न पूछे जाने से प्रतियोगिता बढ़ गई थी और सामान्य तौर पर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को इसका फायदा मिला था। आसान प्रश्नों का ज्यादातर विद्यार्थी सही जवाब दे पाए थे। इसमें उन विद्यार्थियों को नुकसान हुआ जिन्होंने पिछले सालों के पेटर्न के आधार पर कठिन प्रश्नों को हल करने में अपना पूरा समय दिया