48 लाख केंद्रीय कर्मचारियों के लिए काम की खबर, नया सूचकांक जारी

48 लाख केंद्रीय कर्मचारियों के लिए काम की खबर, नया सूचकांक जारी

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बहुत अवश्यक खबर है । यह इसलिए जरूरी है क्‍योंकि यह डीए DA महंगाई भत्‍ते से जुड़ी है इससे देश के 48 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को सीधे तौर पर फायदा होगा। उपभोक्‍ता मूल्‍य सूचकांक यानी CPI-IW के बेस ईयर यानी आधार वर्ष में बदलाव हो गया है। जानकारी के अनुसार केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने आज नया CPI-IW सीपीआई-आईडब्ल्यू सूचकांक जारी कर दिया है। केंद्रीय कर्मचारियों को भविष्‍य में अच्‍छा खाशा महंगाई भत्‍ता मिल सकता है। बता दे की सरकार ने आधार वर्ष बदल दिया है। लेकिन महंगाई भत्‍ते DA में इजाफा होना तय है। इस परिवर्तन से देश के 48 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को सीधे तौर पर फायदा होगा। कर्मचारियों का वेतन एवं डीए का आकलन इस सीपीआई-आईडब्ल्यू पर ही आधारित होता है। जब इसे आधार वर्ष में परिवर्तित किया जाता है तो सीधा महंगाई भत्‍ते पर प्रभाव पड़ता है। सीपीआई-आईडब्ल्यू के आधार वर्ष को बदलने से निजी क्षेत्र के कामगारों के न्यूनतम वेतन में भी इजाफा होगा। सरकार इस उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) के आधार वर्ष में परिवर्तन करती है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक एक महत्‍वपूर्ण मापदंड है। इसका इस्‍तेमाल सेवाओं एवं वस्‍तुओं की एवरेज वैल्‍यू यानी औसत मूल्‍य के माप के लिए किया जाता रहा है। वस्‍तुओं एवं सेवाओं के एक स्‍टैंडर्ड ग्रुप की औसत मूल्‍य की गणना करके इसका कैल्‍क्‍युलेशन किया जाताकेंद्रीय कर्मचारियों के लिए बहुत अवश्यक खबर है । यह इसलिए जरूरी है क्‍योंकि यह डीए DA महंगाई भत्‍ते से जुड़ी है इससे देश के 48 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को सीधे तौर पर फायदा होगा। उपभोक्‍ता मूल्‍य सूचकांक यानी CPI-IW के बेस ईयर यानी आधार वर्ष में बदलाव हो गया है। जानकारी के अनुसार केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने आज नया CPI-IW सीपीआई-आईडब्ल्यू सूचकांक जारी कर दिया है। केंद्रीय कर्मचारियों को भविष्‍य में अच्‍छा खाशा महंगाई भत्‍ता मिल सकता है। बता दे की सरकार ने आधार वर्ष बदल दिया है। लेकिन महंगाई भत्‍ते DA में इजाफा होना तय है। इस परिवर्तन से देश के 48 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को सीधे तौर पर फायदा होगा। कर्मचारियों का वेतन एवं डीए का आकलन इस सीपीआई-आईडब्ल्यू पर ही आधारित होता है। जब इसे आधार वर्ष में परिवर्तित किया जाता है तो सीधा महंगाई भत्‍ते पर प्रभाव पड़ता है। सीपीआई-आईडब्ल्यू के आधार वर्ष को बदलने से निजी क्षेत्र के कामगारों के न्यूनतम वेतन में भी इजाफा होगा। सरकार इस उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) के आधार वर्ष में परिवर्तन करती है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक एक महत्‍वपूर्ण मापदंड है। इसका इस्‍तेमाल सेवाओं एवं वस्‍तुओं की एवरेज वैल्‍यू यानी औसत मूल्‍य के माप के लिए किया जाता रहा है। वस्‍तुओं एवं सेवाओं के एक स्‍टैंडर्ड ग्रुप की औसत मूल्‍य की गणना करके इसका कैल्‍क्‍युलेशन किया जाता