गांव से लगे खेतों में पहुंचा 50 हाथियों का दल

गांव से लगे खेतों में पहुंचा 50 हाथियों का दल

छत्तीसगढ़ में हाथियों से सर्वाधिक प्रभावित सरगुजा वनवृत्त है। खरीफ की खेती के सीजन को छोड़ दें तो हाथी छोटे-छोटे दल में विचरण करते है। तैमोर पिंगला अभयारण्य, गुरुघासीदास राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र के हाथी भी चारा-पानी के लिए वहीं निर्भर रहते है, लेकिन खरीफ खेती के सीजन में हर वर्ष कई दल के हाथी सूरजपुर जिले के प्रतापपुर क्षेत्र में मिल जाते है। बता दे की गन्ना के अलावा धान हाथियों को बेहद पसंद है। इस सीजन में प्रतापपुर वन परिक्षेत्र के बड़े रकबे में गन्ना एवं धान की खेती की जाती है यही वजह है कि हाथी इन फसलों को खाना ज्यादा पसंद करते है। जानकारी के अनुसार वर्तमान में प्रतापपुर रेंज के धरमपुर, भरदा क्षेत्र में एक साथ पचास से भी अधिक हाथियों की मौजूदगी है।