पाकिस्तान में सेना vs मीडिया:आर्मी के खिलाफ बगावत पर उतरे पत्रकार हामिद मीर

पाकिस्तान में सेना vs मीडिया:आर्मी के खिलाफ बगावत पर उतरे पत्रकार हामिद मीर

पाकिस्तान में एक बार फिर मीडिया सेना की घेराबंदी में है। इस बार उसके निशाने पर हैं पाकिस्तान के पत्रकार और जियो के लोकप्रिय शो 'कैपिटल टॉक' के एंकर हामिद मीर। एक पत्रकार पर हुए हमले के खिलाफ किए गए प्रदर्शन में हिस्सा लेने के बाद हामिद मीर पर आरोप है कि उन्होंने सेना के खिलाफ बयानबाजी की है।

हामिद मीर को उनके चैनल से भी ऑफ एयर कर दिया गया है। हामिद कई पाकिस्तानी अखबारों में अपने कॉलम लिखते रहे हैं, फिलहाल उनके कॉलम भी बंद करा दिए गए हैं। कहा जा रहा है कि सेना ने मीडिया संस्थानों के मैनेजमेंट पर दबाव डालकर ऐसा कराया है। चर्चा है कि जल्द ही सेना हामिद मीर के खिलाफ राजद्रोह और बगावत का केस दर्ज करा सकती है।

दैनिक भास्कर ने इस प्रकरण को लेकर हामिद मीर से बातचीत की। उनका कहना है कि 'हम सेना के खिलाफ नहीं हैं। न मैंने ऐसी कोई बात बोली है जो किसी भी संस्था के खिलाफ युद्ध छेड़ने जैसी हो। हम एक खास 'माइंडसेट' के खिलाफ लड़ रहे हैं।' पेश हैं, इस बातचीत के खास अंश...

जियो TV में प्रसारित होने वाला आपका बेहद लोकप्रिय शो 'कैपिटल टॉक' ऑफ एयर कर दिया गया, क्यों?
चैनल के प्रबंधन पर बहुत दबाव था। चैनल की तरफ से मुझे पहले कभी कोई शोकॉज नोटिस भी नहीं दिया गया क्योंकि मैंने कभी उस प्लेटफार्म का ऐसा इस्तेमाल नहीं किया, जिससे उन्हें कोई कार्रवाई करनी पड़े।

आपने कई सरकारें देखी हैं। मौजूदा हुकूमत को किस तरह से देखते हैं? पिछली सरकार के मुकाबले मौजूदा सरकार के मीडिया से संबंध कैसे हैं?

मैं पहले भी दो बार नौकरी गवां चुका हूं। पहली बार 1994 में जब बेनजीर प्रधानमंत्री थीं और दूसरी बार 1997 में तब जब नवाज शरीफ PM थे। मुझे एक न्यूजपेपर से निकाल दिया गया, लेकिन दूसरी जगह आसानी से जॉब मिल गई। मुशर्रफ के शासन काल में भी दो बार मेरी TV एंकरिंग बैन हुई। हालांकि, मुझे न्यूज पेपर में लिखने से नहीं रोका गया, लेकिन इस बार TV और न्यूज पेपर दोनों से मुझे बैन किया गया है।