ममता दीदी नंदीग्राम में घायल,बोली किसी ने हमला करवाया है|

तृणमूल कार्यकर्त्ता हमले की शिकायत करने पहुचे चुनाव आयोग |

ममता दीदी नंदीग्राम में घायल,बोली किसी ने हमला करवाया है|

बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर बीते दिन हुए कथित हमले का मामला अब चुनाव आयोग तक पहुंच गया है। TMC नेता डेरेक ओब्रायन, राज्यमंत्री चंद्रिमा भट्‌टाचार्य और पार्थ चैटर्जी ने मामले की शिकायत करने चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचे हैं। इससे पहले TMC ने ऐलान किया था कि वह आज अपना चुनावी घोषणा-पत्र जारी नहीं करेगी। वही पुलिस ने तृणमूल नेता शेख सोफिया की शिकायत पर मामले में केस दर्ज कर लिया है। TMC ने इसे हमला और राजनीतिक साजिश बताया है। साथ ही इसके लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है की दीदी पर जानबूझ कर हमला करवाया गया है |भाजपा भी मामले में की जा रही राजनीति को लेकर चुनाव आयोग से शिकायत करेगी और घटना की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करेगी। इससे पहले तृणमूल नेता पार्थ ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा था कि कुछ कायर लोग लगातार ममता को रोकने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे कामयाब नहीं होंगे। यह हमला एक साजिश थी। उन्होंने कहा कि पहले राज्य के लॉ एंड ऑर्डर के ADG को बदल दिया गया। उसके बाद राज्य के DGP को हटा दिया गया और अब यह घटना हुई। यह सब एक सोची-समझी साजिश के तहत हो रहा है।

ममता दीदी बुधवार शाम नंदीग्राम में घायल हुई थीं। उन्हें पैर में चोट लगी है। इस घटना के बाद उन्हें कोलकाता के SSKM हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बुधवार को ही नंदीग्राम से नामांकन दाखिल किया था। इस घटना के बाद ममता ने कहा था कि किसी ने उन्हें धक्का दिया, इसी वजह से पैर में चोट लगी। ममता ने कहा, '4-5 लोगों ने गाड़ी एकदम बंद कर दी। मुझे बहुत चोट लग गई। वहां स्थानीय पुलिस का कोई भी बंदा नहीं था। किसी की साजिश जरूर है। यह जानबूझकर किया गया है।'

भाजपा के बंगाल प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, 'यह ममता का सियासी स्टंट है।TMC इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रही है। हमारा मानना है कि ऐसी घटनाओं पर सियासत नहीं होनी चाहिए। मुझे उम्मीद है कि चुनाव आयोग राजनीतिक हिंसा को नियंत्रित करने के लिए पश्चिम बंगाल में पर्याप्त केंद्रीय बल भेजेगा।'वहीं पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष अर्जुन सिंह ने कहा, ‘ममता बनर्जी ने हमदर्दी पाने के लिए ड्रामा किया। उनके साथ भारी पुलिस फोर्स मौजूद थी। ऐसे में उनके करीब कौन पहुंच सकता है? हमला करने वाले अचानक तो प्रकट नहीं हुए होंगे। उन्हें पकड़ा जाना चाहिए।