रामदास बोडके जिनका जीवन पत्थर खाने के भरोसे |

रामदास बोडके जिनका जीवन पत्थर खाने के भरोसे |

ये दुनिया कई रहस्यमयी लोगों से भरी पड़ी हुई है।  जिन पर यकीन कर पाना मुश्किल हो जाता है|  ऐसे ही रहस्यमयी लोगों में शामिल है महाराष्ट्र के सतारा जिले के अदरकी खुर्द गांव में रहने वाले एक बुजुर्ग दादा रामदास बोडके। रामदास बोडके बीते 30 साल से रोज 250 ग्राम पत्थर खा रहे हैं।

दादा रामदास बोडके पिछले 30 साल से पत्थर खा रहे हैं। बोडके का कहना है कि 1973 में उन्हें पेट दर्द की समस्या हुआ थी। कई दिनों तक इलाज के बाद भी उन्हें आराम नहीं मिला तो गांव में ही रहने वाली एक महिला ने उन्हें पत्थर खाने का यह उपाय बताया, जिसके बाद उन्होंने पत्थर खाना शुरू कर दिया तो कुछ ही दिनों में पेट दर्द की समस्या दूर हो गई। इसके बाद से उन्होंने रोज पत्थर खाना शुरू कर दिया और अब ये सिलसिला बीते 30 साल से रोज जारी है।

कई बार डॉक्टर भी उनकी जांच कर चुके हैं। लेकिन शरीर में कोई परेशानी नहीं दिख रही है। डॉक्टर खुद भी हैरान है कि आखिर कोई व्यक्ति बीते 30 साल से रोज 250 ग्राम पत्थर कैसे खा सकता है। इस बीच रामदास यह भी बताते हैं कि कि पत्थर खाने के बाद उन्हें कोई परेशानी नहीं होती है और अपनी दिनचर्या सामान्य रूप से जीते हैं।