रिपब्लिक टीवी के 2 पत्रकार और 1 ड्राइवर को मिली जमानत

रिपब्लिक टीवी के 2 पत्रकार और 1 ड्राइवर को मिली जमानत

महाराष्ट्र सरकार को रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के रिपोर्टर और क्रू मेंबर को गिरफ्तार करने के मामले में अब NHRC ने नोटिस जारी किया है। बता दें, मुख्य सचिव और DGP को नोटिस जारी किया गया है। बता दें, पत्रकारों की गिरफ्तारी पर रिपब्लिक मीडिया ने NHRC में गिरफ्तारी का विरोध करते हुए उनके जल्द रिहाई की मांग की थी। बता दें, सोमवार को रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के रिपोर्टर अनुज कुमार, वीडियो जर्नलिस्ट यशपालजीत सिंह और ओला कैब ड्राइवर प्रदीप दिलीप धनावड़े जमानत पर बाहर आ गए हैं।

महाराष्ट्र पुलिस ने रिपब्लिक की टीम को तब जेल में डाला था जब ये टीम एक स्टोरी के सिलसिले में सुराग का पता लगाते हुए रायगढ़ के कर्जत गई थी। बता दें, महाराष्ट्र पुलिस के द्वारा रिपोर्टर अनुज समेत अन्य को कानूनी विकल्पों से वंचित कर दिया गया था।

वही छह दिनों के बाद जेल से बाहर निकलने के बाद रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के रिपोर्टर अनुज कुमार ने उन परिस्थितियों को याद किया, जिसके कारण महाराष्ट्र पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था। उन्होंने खुलासा किया कि ‘वे एक स्टोरी को लीड कर रहे थे, जो उन्हें सीएम उद्धव ठाकरे के रायगढ़ फार्महाउस तक ले गई। घर पर ताला लगा होने पर सुरक्षा गार्ड से एक सवाल पूछा, जिसका जवाब उसने नहीं में दिया।’ कथित रूप से ‘अतिचार’ (Trespass) के लिए छह दिन जेल में बिताने के बाद रिपब्लिक टीवी के तीन क्रू सदस्यों को जमानत दे दी गई।

इस पूरे मामले पर रिपब्लिक मीडिया को आम जनता का काफी समर्थन मिला। साथ ही कई राजनीतिक पार्टियों ने एक सुर में महाराष्ट्र सरकार की इस घटना की निंदा की। वही अनुज समेत टीम के अन्य क्रू मेंबर की रिहाई पर बीजेपी विधायक अतुल भटखल्कर ने ट्वीट करते हुए शिवसेना पर निशाना साधा है।

उन्होंने कहा है कि, राज्य सरकार की तानाशाही को झटका देते हुए कोर्ट ने रिपब्लिक के पत्रकारों को बेल देने का निर्णय दिया है। गृहमंत्री अनिल देशमुख को यह करारा तमाचा है। वे तुरंत इस्तीफा दे।