रीवा इंजीनियरिंग कालेज में आयोजित हुआ महत्वपूर्ण विषय पर आयोजित हुआ नेशनल वेबिनार

रीवा इंजीनियरिंग कालेज में आयोजित हुआ महत्वपूर्ण विषय पर आयोजित हुआ नेशनल वेबिनार

 रीवा इंजीनियरिंग महाविद्यालय रीवा में नेशनल वेबीनार को टेक्यूप थ्री परियोजना के अंतर्गत  गो टू मीटिंग साफ़्टवेयर प्लेटफ़ार्म पर आयोजित किया गया जिसमें भारत वर्ष के विभिन्न तकनीकी शिक्षण संस्थाओं एवम् महाविद्यालयो के 150 प्राध्यापकों एवम् रिसर्च स्कालर ने प्रतिभागिता दर्ज की .. “विश्व में ऊर्जा एवम् पर्यावरण जनित समस्याएं तथा सतत विकास एवम् गरीबी उन्मूलन के लिए इसका संभावित समाधान“ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय वेबीनार की मुख्य वक़्ता भारत वर्ष के  विद्युत इंजीनियरिंग विषय के ख्यातिप्राप्त प्रोफ़ेसर एवम् आइ.आइ.टी दिल्ली के रिटायर्ड डायरेक्टर  डा. डी .पी . कोठारी रहे.. डा कोठारी ने  कहा कि आज विश्व को ग़ैर परम्परागत ऊर्जा स्त्रोतों के विकास के साथ साथ नवाचार एवम् नयी संकल्पनाओ के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है.. ऊर्जा की बचत को टाइम मैनेजमेण्ट के साथ जोड़कर हमें नैनो एवम् पीको पवार प्लांट का विकास करना होगा.. साथ ही पर्यावरण को संरक्षित करने की दिशा में वेस्ट  मटेरीयल का उपयोग कर ऊर्जा उत्पन्न करने की दिशा में सोचना होगा.. डा कोठारी ने एनर्जी सेविंग यातायात के साधनो , राख के उपयोग एवम् समुद्र के पानी से ऊर्जा स्त्रोतों के विकास की भी बात की..नेशनल वेबीनार को सम्बोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डा बी के अग्रवाल ने क्षिति जल पावन गगन समीरा का उल्लेख करते हुए पंच तत्व की महत्ता एवं संरक्षण  करने का आव्हान किया ..वेबीनार के प्रारम्भ में वेबीनार की संयोजक प्राध्यापक प्रो . अर्चना ताम्रकार  ने स्वागत उदबोधन दिया तथा टेक्यूप कोआर्डिंनेटर प्राध्यापक डा आर पी तिवारी ने वेबीनार के विषय की अवधारणा एवम् संकल्पना प्रस्तुत कर डा कोठारी का सम्पूर्ण परिचय दिया .. वेबीनार समन्वयक  प्राध्यापक डा सन्दीप पाण्डेय ने सभी के प्रति आभार ज्ञापित किया  ..वेबीनार का संचालन एवम् तकनीकी निर्देशन प्राध्यापक प्रो. नमामि कृष्ण शर्मा एवम् प्रो. अरविंद सिंह ने किया ..प्रो मयंक विश्वकर्मा एवम् अंकित के सह समन्वय में आयोजित इस नेशनल के अन्त में प्रतिभागियों ने विभिन्न प्रश्न भी किए जिनका सकारात्मक जवाब भी विषय विशेषज्ञ द्वारा दिया गया.