रीवा की पूर्व महापौर आशा सिंह का हुआ निधन,  उपलब्धियों से भरा रहा उनका जीवन

रीवा की पूर्व महापौर आशा सिंह का हुआ निधन,  उपलब्धियों से भरा रहा उनका जीवन

रीवा नगर निगम की पूर्व महापौर आशा सिंह का कल देर रात निधन हो गया| आशा सिंह को किडनी फेलिअर की शिकायत थी| साल 2003 से उन्हें डायबटीज की शिकायत थी दिक्कत बढती गई और किडनी में भी असर हुआ| कई जगह इलाज के बाद भी आशा सिंह की तबियत सुधर नहीं पाई और कल देर रात उन्होंने अंतिम सांस ली|

रीवा नगर निगम की पूर्व महापौर आशा सिंह का जीवन उपलब्धियों से भरा रहा|  वह ठाकुर रणमत सिंह की पौत्रवधु थी| राजनीति में सक्रीय आशा सिंह ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता 1993 में राजमाता रीवा के हाथों ली थी| उसके बाद से ही उनका राजनीतिक सफ़र शुरू हुआ| टिकट मिलने पर वह महापौर का चुनाव लड़ी और सन 1999 में रीवा नगर निगम की महापौर का पद ग्रहण किया| चुनौती थी क्योंकि सिर्फ 8 पार्षद भाजपा के जीते थे और उन्होंने मेयर काउंसिल में 5 साल सफलतापूर्वक महापौर का कार्य किया| इसके बाद 2005- 2007 तक मध्यप्रदेश एग्रो भोपाल में संचालक रही| मध्यप्रदेश नगरीय निकाय नगर पंचायत के घोषणा पत्र की सदस्य रही| संगठन में 2006 2007 तक महिला मोर्चा की राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष मनोनीत हुई| इसके अलावा छत्तीसगढ़ महिला मोर्चा की प्रभारी, दीनदयाल अन्तोदय समिति जिला रीवा स्त्री समिति उपाध्यक्ष पद पर मनोनीत थी| आशा सिंह साल 2011-2012 तक बीजेपी जिला अध्यक्ष में महामंत्री मनोनीत की गई और महिला मोर्चा की जिला उपाध्यक्ष रही| इतनी उपलब्धिया उतनी ही चुनौती के साथ आती है| जब कांग्रेस का बोलबाला था तब आशा सिंह ने महापौर का पद संभाला| महिला मोर्चा में अपनी सक्रियता हमेशा बनाये रखी| स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण पूर्व महापौर आशा सिंह दुनिया को अलविदा कह गई|