शहर में बंजारों की बस्ती में आई खुशियाँ, समाजसेवियों ने बाटे खिलौने और खाना

शहर में बंजारों की बस्ती में आई खुशियाँ, समाजसेवियों ने बाटे खिलौने और खाना

शहर के रेलवे स्टेशन के पास बंजारो की बस्ती में आज खुशी का माहौल था और यह माहौल उन तमाम समाजसेवियों की वजह से था जो लॉक डाउन के पहले दिन से ही गरीब परिवारों की मदद के लिए खड़े है| समाजसेवी संगठनों ने इकट्ठा होकर मजदूर के बच्चो को खुशी देने के लिए खिलौने, टॉफी चॉकलेट मिठाई बाटी| जिससे बच्चों के चहरे खिले नजर आये|

एक मई मजदूर दिवस पर रेड क्रॉस के सौजन्य से रीवा के तमाम समाज सेवी संगठन इकट्ठा हुए रेलवे स्टेशन के पास बंजारों द्वारा बसाई गई एक बस्ती में लॉक डाउन के दौरान ख़ुशी बाटने निकल पड़े| लॉक डाउन केदौरान जिसे जहां ठिकाना मिला उसने वहां अपना घर बसा लिया| ऐसी ही एक बस्ती बंजारों द्वारा बसाई गई है| यहां पर रीवा के तमाम समाजसेवी संगठन एकत्र होकर उन्हीं के बीच मजदूर दिवस मनाने पहुचे| रेड क्रॉस की अगुवाई में जहां विशेष पकवान की व्यवस्था की गई थी| वही बस्ती के छोटे बच्चों के लिए ढेर सारे खिलौने टॉफ़ी लेकर पहुचे| इस बंजारी बस्ती में थोड़ी देर के लिए खुशियों का ऐसा दौर आया जैसे लगा कोरोनावायरस से संक्रमित दौर में कोरोनावायरस ना जाने कहां उड़ गया है| खुशियों के इस पलमें कोई खाना बांट कर खुश था तो कोई खिलौने लिए| जिन्हे यह दोनों चीजें मिल रही थी उनके चेहरे की खुशी तो देखते ही बनती थी|