रीवा में बन सकेंगे कांच भी, तराई अंचल में मिली सिलिका

रीवा में बन सकेंगे कांच भी, तराई अंचल में मिली सिलिका

सीमेंट के बाद शीशा उद्योग का हब बनाने किया खनन अनुबंध - कोयला और चूना पत्थर के भंडार मिल चुके. विंध्य का रीवा जिला खनिज संपदा को लेकर हमेशा से धनी रहा है. यहां कोयला, चूना पत्थर के बड़े भंडार पहले भी मिलते रहे हैं. वहीं इस बार जिले के तराई अंचल में सिलिका सैंड का भंडार मिला है. इसके मिलने से जिले में शीशा उद्योग (कांच) की संभावना बन रही है. जिले के सुदूर पिछड़े क्षेत्र जवा के रघुनाथपुर गांव के 14 हेक्टेयर क्षेत्र में सिलिका सैंड के लिए माइनिंग कॉर्पोरेशन के साथ 30 वर्ष का खनन का अनुबंध कलेक्टर इलैयाराजा टी. ने किया है. पहला सिलिका सैंड का भंडार मप्र में सिर्फ रीवा जिले में ही सिलिका सैंड खनिज मिला है. इसके मिलने से रीवा का यह विशिष्ट क्षेत्र होगा, जहां भविष्य में कांच फैक्ट्री की स्थापना की संभावनाएं बढ़ी हैं. कलेक्टर द्वारा स्वीकृत अनुबंध पर खदान से खनन शीघ्र प्रारंभ हो जाएगा. इस खदान के पास दो अन्य खदानों की स्वीकृति की प्रक्रिया चल रही है. जिला खनिज अधिकारी रत्नेश दीक्षित ने बताया कि इस खनिज के मिलने से क्षेत्र में खनिज राजस्व के साथ-साथ रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी. खनिज खनन के लिए प्रदेश के बाहर के लीजधारकों ने भी खनन के लिए रूचि दिखाई है. सीमेंट के बाद शीशा का बनेगा हब जिले में पूर्व में मिले चूना पत्थर के भंडार के चलते इस क्षेत्र में सीमेंट कारखाने संचालित हो रहे हैं. सिलिका का भंडार मिलने से जिला शीशा का हब भी बनेगा.