रीवा:मऊगंज-सेमरिया विधायक समेत 403 कोरोना संदिग्ध

रीवा:मऊगंज-सेमरिया विधायक समेत 403 कोरोना संदिग्ध

जिले में अब तक 16427 संदिग्धों का लिया जांच सैंपल, 331 की रिपोर्ट संक्रमित, 180 एक्टिव केस, 1227 सैंपलों की जांच आना बाकी. जिले में संक्रमण को लेकर अफसरों की मुश्किल बढ़ गई हैं. रोकथाम के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं. मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल और सेमरिया विधायक केपी त्रिपाठी भी कोरोना संदिग्ध होने पर सैंपल लिया गया हैं. मऊगंज के विधायक व उनके परिवार व स्टाप के 9 सदस्य भी कोरोना संदिग्ध निकले. सभी का सैंपल जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है. विधायक पूरे परिवार के साथ आइसोलेट हो गए हैं. स्टाफ होम क्वारंटीन कर दिया गया है. सेमरिया विधायक भी पूरे परिवार के साथ आइसोलेट हो गए हैं. हालांकि देर रात दोनों विधायकों की रिपोर्ट निगेटिव का दावा किया है. अधिकारियों ने मऊगंज विधायक के नेहरू नगर स्थित आवास में बाहर से आने जाने वालों पर प्रतिबंध लगा दिया है. सीएमओ डॉ. आरएस पांडेय के मुताबिक शुक्रवार को जिले में 403 संदिग्धों का सैंपल लिया गया है. गुरुवार की सुबह 8 बजे से शुक्रवार की सुबह आठ बजे तक 29 पॉजिटिव केस आए थे. सुबह आठ बजे के बाद देरशाम तक रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई. अब तक जिले में पॉजिटिव की संख्या 331 हो चुकी है. एक्टिव केस 180 हैं. सभी को केयर सेंटर में रखा गया है. जिले में संक्रमण की रफ्तार बढ़ते ही जांच की स्पीड धीमी हो गई है. मेडिकल बुलेटिन के अनुसार शुक्रवार की स्थित में 1227 संदिग्धों की जांच रिपोर्ट आना बकी है. जिसमें मऊगंज विधायक की भी जांच है. विधायक के पीआरो सीएमएचओ से देरशाम कई बार संपर्क किए. लेकिन, रिपोर्ट नहीं आई है. जिला अस्पताल के अधिकारियों ने मऊगंज विधायक के पीआरओ को सूचना दी है कि जिला अस्पताल के ट्रू-नॉट मशीन की किट खत्म हो गई है. दोपहर बाद आने के बाद जांच शुरू की गई है. इसी तरह जिले में 1227 संदिग्धों की रिपोर्ट नहीं आई है. जिला अस्पताल के जांच सैंपल मेडिकल कालेज में 700 जांच के लिए भेजे गए हैं. शाम छह बजे तक रिपोर्ट नहीं आ सकी है. भोपाल से मंगाया जिला अस्पताल में ट्रू-नॉट मशीन से सैंपलों की जांच की जा रही है. प्रतिदिन औसत 30-40 सैंपलों की जांच होती है. बीते एक सप्ताह से किट नहीं होने के कारण मशीन में जांच नहीं हो पा रही है. मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक एक सप्ताह बाद शुक्रवार को भोपाल से 300 जांच किट जिला अस्पताल में पहुंची है. बताया गया कि एक सप्ताह से किट नहीं होने के कारण महज इमर्जेंसी जांच की जा रही थी. अस्प्ताल की जानकारी मुताबिक स्वास्थ्य विाभाग के आदेश पर जिला अस्पताल से सिंगरौली और सीधी के लिए इमर्जेंसी उपयोग के लिए किट भेज दी गई थी. इमर्जेंसी में सिजेरियन, डायलिसस, आपरेशन करने वाले मरीजों की जांच की जा रही थी. शेष सैंपल वॉयरोलॉजी लैब भेज जा रहे हैं.