15 वर्षों से नहीं मिला शहीद परिवार को न्याय

15 वर्षों से नहीं मिला शहीद परिवार को न्याय

देश की सीमा की रक्षा कर रहे सेना के जवानों को लेकर सरकार से आम जनमानस तक चिंतित रहता है।  लेकिन जब इन जवानों की शहादत को सरकार ही भूल जाए तो एक चिंता का विषय बन जाता है जी हां  कई बार आपने देखा भी होगा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री  शहीद हुए जवानों को कंधा देने उनके  गृह ग्राम पहुंचते है लेकिन एक ऐसा भी मामला सामने आया जहां शहीद के परिवार को 15 वर्षों से न्याय ही नहीं मिला|  देश की सीमा पर रक्षा कर रहे उन जवानों को हर कोई नमन करता है लेकिन जब शहीद का परिवार न्याय के लिए दर-दर भटकता हुआ 15 वर्षों के लंबे अंतराल के बावजूद भी न्याय की गुहार लगा रहा हो तो सरकार पर सवाल खड़े होना लाजिमी है यह पूरा मामला है रीवा जिले के  सिरमौर थाना अंतर्गत लाल गांव शहीद जवान उमेश शुक्ला के परिवार का जो 500 नग माओवाद मे लड़ते हुए 2006 में  छतीसगढ़ के दंतेवाड़ा में शहीद हो गए थे  जिनके परिवार को 15 वर्षों के लंबे अंतराल के बावजूद भी न्याय नहीं मिला  गौरतलब है कि जवानों की शहादत में मुख्यमंत्री घर पहुंच कर परिवार को संबल प्रदान करते हैं लेकिन जब वही परिवार  अपनी समस्या को लेकर मिलने आता है तो केवल यह बात कह कर टाल  दिया जाता है कि इस पर जल्द से जल्द कार्यवाही की जाएगी दर-दर भटकते परिवार को आज तक कोई भी अनुकंपा नियुक्ति नहीं प्रदान की गई  गुजर बसर ना चलने के कारण शहीद परिवार की मांग है की अन्य शहीद हुए जवानों के परिवार की तरह इस परिवार को भी अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जाए| आपको बता दें कि शहीद के परिवार का कहना है कि रीवा आये मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलकर आप बीती भी बताई गई लेकिन हर बार की तरह इस बार भी कार्यवाही करने की बात ही कही गई परिवार ने जानकारी देते हुए बताया  कि यह  एक बार नहीं बल्कि  कई बार  जब  मुख्यमंत्री रीवा आते हैं  उनसे मिलकर पत्र के माध्यम से अवगत कराया जाता है कि लेकिन विगत 15 वर्षों से झूठा आश्वासन ही हांथ लग रहा है|