रीवा पुलिस की करतूतों से उठा पर्दा

रीवा पुलिस की करतूतों से उठा पर्दा

जिन पुलिस कर्मियों पर हमारी और आपकी सुरक्षा की जिम्मेदारी हो उन्ही पुलिस कर्मियों पर जब  संगीन आरोप लग रहें हो तो ऐसे में जनता भला पुलिस कर्मियों पर विश्वास कैसे करेगी|  रीवा जिले के मंनगवा थाना की पुलिस पर थाने के लॉकअप में एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किये जाने का आरोप लग रहा हैं| इस बात की जानकारी आज अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राजेन्द्र पाण्डेय ने प्रेस वार्ता कर दी हैं और रीवा पुलिस के करतूतों से पर्दा उठाते हुए कई आरोप भी लगाये हैं जब कानून के रखवाले ही कानून को नजरंदाज कर अपराध करने लगेंगे तो अपराधियों को अपराध करने से कौन रोक सकता हैं| रीवा जिले में बढ़ते हुए अपराध के बीच अब पुलिस कर्मियों पर ही सामूहिक दुष्कर्म जैसे संगीन अपराध को अंजाम देने का आरोप लग रहा हैं| दरअसल रीवा जिले के मनगवा थाना के 5 पुलिस कर्मियों पर थाना के अन्दर सलाखों के पीछे हत्या के आरोप में बंद महिला के साथ गैंगरेप का आरोप लगाया गया हैं| यह पूरा मामला एडीजे लवानिया के केन्द्रीय जेल में निरिक्षण के दौरान उजागर हुआ है| निरिक्षण के दौरान पीड़िता ने अपनी बात एडीजे लवानिया से सामने रखी थी और थाने में पदस्थ तत्कालीन एसडीओपी और एसआई के साथ साथ थाने के तीन अन्य पुलिस कर्मीयों पर गैंग रेप किये जाने का आरोप लगाया |महिला के आरोपों के अनुसार पुलिस के द्वारा कानून का उल्लंघन करते हुए पीड़िता को 11 दिनों तक लॉकअप के अन्दर रखा गया जबकि आरोपी या संदेही को मात्र 24 घंटे तक लॉकअप में रखने का प्रावधान हैं| मामले को लेकर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरुण सिंह को भी अवगत कराया गया जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए गए हैं | पत्रकार वार्ता में अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष ने भी आरोप लगाते हुए यह जानकारी दी है की 9 मई को महिला को गिरफ्तार किया गया था और 20 मई तक लॉक अप में रखा गया और सामूहिक दुष्कर्म किया गया मामले को लेकर डिस्ट्रिक जज के द्वारा रीवा एसपी को सम्बंधित पुलिस कर्मियों पर अपराध दर्ज करने के निर्देश दिए अब आगे रीवा पुलिस क्या कार्यवाही करती है ये तो आने वाला वक्त ही तय करेगा