20 वर्षों में किसानों के लिए आफत बनी नीलगाय

20 वर्षों में किसानों के लिए आफत बनी  नीलगाय

रीवा जिले की अर्थव्यवस्था सदैव ही कृषि आधारित रही है लेकिन विगत 20 वर्षों में किसानों के लिए आफत बने नीलगाय के मुद्दे पर चुनाव के समय विभिन्न राजनैतिक दल टिप्पणी तो करते हैं लेकिन इसका कई वर्षों में भी निदान नहीं हो सका, यही कारण है कि जिले की तराई के किसान अब धीरे-धीरे खेती करना ही बंद कर रहे हैं। मौसम की मार, अकाल व महंगाई की मार सहने के बाद किसान खेती तो कर लेता है लेकिन नीलगाय उनकी खेती तहस-नहस कर देती हैं। दूसरी तरफ सुरक्षा के लिहाज से उठाए गए कदम में यदा-कदा अगर किसी नीलगाय की मौत हो जाती है तो किसानों को जेल तक जाना पडता हैं यही कारण है कि नीलगाय की समस्या जिले के तराई में व्याप्त हैं। जबकि पूरे जिले में आवारा पशुओं के कारण खेती करने से किसान पीछे रहे हैं। इसके लिए रोजगार योजना नहीं हैं।