विन्ध्या क्षेत्र अपार खनिज सम्पदा का भण्डार है: लक्ष्मण तिवारी जनअस्मिता यात्रा में जनसरोकार के प्रमुख मुद्दे शामिल

विन्ध्या क्षेत्र अपार खनिज सम्पदा का भण्डार है: लक्ष्मण तिवारी  जनअस्मिता यात्रा में जनसरोकार के प्रमुख मुद्दे शामिल

पूर्व विधायक लक्ष्मण तिवारी ने अपने निज निवास खुटेही रीवा में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा जन सभाओ तथा क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान आम जनों की लगातार मांग किये जाने पर उड़ीसा के पूज्य शंकराचार्य जी के सलाह पर विंध्य क्षेत्र की उन्नति - समृद्धि के साथ जन कल्याण के लिए इस यात्रा का  सुभारभ किया गया जिसमे जिला एवं तहसील स्तर पर गोबर प्लांट स्थापना की मांग और आमजनों जिसमें सभी जाति वर्ग की समस्यों जैसी सभी मांगे सम्मलित हैं इस दौरान यात्रा संयोजक व पूर्व विधायक लक्ष्मण तिवारी ने बताया कि जनअस्मिता यात्रा में जनसरोकार के जिन प्रमुख मुद्दों में शासन से कार्यवाही की मांग की जा रही है आने बाले दिनों में अवश्य ही पूर्ण होगें सरकार जिस किसी की हो । रीवा जिला में गत दिनों सम्पन्न जनसभाओ के सम्बन्ध में कहा कि अब तक आधा सैकड़ा से अधिक जनसभाओं में आमजनों का भरपूर सहयोग हासिल हो रहा है । जिला एवं तहसील स्तर पर गोबर प्लांट स्थापना की मांग और आमजनों जिसमें सभी जाति वर्ग के लोग सामिल है उनके पास पांच रुपये किलो गोबर क्रय करने से घर घर आमदनी का जरिया बनेगा तथा लोगों में आत्म निर्भरता होगी । आबरा गौवंश का आतंक व ऐरा प्रथा में पूर्ण रूप से रोक लगाने के लिए शासन स्तर से आमजनों के पास का गोबर क्रय किया जाना ही एक उचित विकल्प है जिसे प्रदेश की जनता भली भांति जान एवं समझ चुकी है । उन्होंने आगे अपने सब्दो में कहा की सरकार की इच्छा शक्ति हो तो जनकल्याण मे संचालित तमाम योजनाओं की तरह इस जनहित के मुद्दे को अमली जामा पहनाया जा सकता है । गोबर से बर्मी कम्पोस्ट खाद , बायो गैस , प्लाईबुड , डिस्टेम्पर , फाइले , अगर बत्ती आदि सामग्रियों का निर्माण कर राजस्व हासिल करेगी वहीं दूसरी ओर प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को सुपरवाइजर , ड्राइबर , स्टोर कीपर , आपरेटर , चरबाहा जैसे पर्याप्त रोजगार के अवसर उपलब्ध होगें । पूर्व विधायक तिवारी ने कहा कि भौगोलिक दृष्टि से छोटे भू भाग बाले झारखण्ड जैसे क्षेत्र को पृथक राज्य का दर्जा दे दिया गया लेकिन विन्थ्य क्षेत्र जो पूर्व में खुद पृथक राज्य था नेताओं की अकर्मण्यता के कारण विन्ध्य को मिला पृथक राज्य का दर्जा छीन लिया गया । विन्थ्य क्षेत्र जो हर दृष्टि से पृथक राज्य हेतु उपयुक्त होने के साथ ही अपार खनिज सम्पदा के साथ वन , वृक्ष व खाद्यान्न का भण्डार है इसके बाद भी न तो क्षेत्र का समुचित विकास हुआ और न ही युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर मिल सके ।