DIWALI: पटाखें फोड़ने पर लगा प्रतिबंध, जानिए सर्वोच्च न्यायालय का क्या है आदेश

DIWALI: पटाखें फोड़ने पर लगा प्रतिबंध, जानिए सर्वोच्च न्यायालय का क्या है आदेश

एनजीटी द्वारा दिवाली के अवसर पर दिल्ली में पटाखे फोड़ने वा आतिशबाजी पर लगाए गए प्रतिबंध के पालन में मध्य प्रदेश प्रदूषण विभाग के निर्देश पर जिला प्रशासन भी अब तेज़ हो गया है| इस बार दिवाली पर केवल 2 घंटे ही पटाखे फोड़ने व आतिशबाजी करने का समय मिलेगा| आपको बता दे की इस बार जिला प्रशासन द्वारा ध्वनि व वायु प्रदूषण रोकने के लिए यह एडवाइजरी जारी कर दी है| कलेक्टर इलैया राजा टी ने बुधवार को आदेश जारी कर दीपावली की रात्रि 8:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक हो ग्रीन पटाखे फोड़ने की अनुमति दी है| मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी एसके परिहार ने जानकारी देते हुए बताया की सर्वोच्च न्यायालय ने ध्वनि प्रदुषण पर नियंत्रण के लिए यह निर्णय दिया है| लड़ी, जुड़े, हुए पटाखे गठित करने वाले अलग-अलग पटाखों के निर्माण विक्रय एवं उपयोग पुर्णतः प्रतिबंधित है|आपको बता दें की रीवा जिले में रात्रि 8:00 बजे से 10 बजे तक 2 घंटे के पश्चात दीपावली पर्व पर पटाखों का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा| दीपावली पर्व पर पटाखों का उपयोग निर्धारित समय रात्रि 8 बजे से 10 बजे तक निर्धारित स्थल पर ही किया जाना है| साथ ही यह निर्देश जारी किया गया है की प्रतिबंधित पटाखों का विक्रय न किया जाय| बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ने कहा है कि पटाखों से दुर्घटनाग्रस्त होने की संभावना रहती है पटाखों के जलाने के उपरांत उससे उत्पन्न कचरे को ऐसे स्थानों पर न फेंका जाए जहां पर प्राकृतिक जल स्रोत पेय जल को प्रदूषित होने की संभावना हो क्योंकि विस्फोटक सामग्री खतरनाक है उसमें से निर्मित होती दीपावली पर प्रदूषण पर नियंत्रण किया जाना अति आवश्यक है|कुछ पटाखों से उत्पन्न ध्वनि तीव्रता 100 डेसीबल से अधिक होती है|इससे मानव अंगों पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है| उन्होंने आगे कहा कि पटाखों का उपयोग सीमित मात्रा में करें एवं पठाकों को जलाने के पश्चात उत्पन्न कचरे को घरेलू कचरे के साथ नगर निगम के कर्मचारी  पटाखों का कचरा प्रथक संगृहीत करके उसके निष्पादन सुनिश्चित करें|