पुलिस को देखकर कथित अपहरणकर्ता को आया अटैक परिजनों ने अस्पताल में किया हंगामा

पुलिस को देखकर कथित अपहरणकर्ता को आया अटैक  परिजनों ने अस्पताल में किया हंगामा

रीवा में एक ऐसा मामला हुआ है जिसे सुनकर हर कोई असमंजस की स्थिति में है एक कथित अपहरणकर्ता कि पुलिस द्वारा पकड़े जाने के डर से मौत हो गई जबकि जिसका अपहरण करना बताया जा रहा है वह आदमी सकुशल है। दरअसल मृतक के भांजे व एक अन्य युवक के बीच पैसों के लेनदेन का मामला चल रहा था अपहरणकर्ता यानी मृतक से अन्य युवक ने पैसे उधार लिए थे।अपने भांजे के साथ मृतक उधार लेने वाले युवक को उसके घर से उठाकर नेहरू नगर में एक अधिवक्ता के यहां एग्रीमेंट करवाने लाया तभी उधार लेने वाले युवक के परिजनों ने पुलिस को अपहरण की सूचना दे दी। मौके पर जब पुलिस पहुंची तब मृतक का डर इतना बढ़ गया कि उसे अटैक आ गया। पुलिस को देखकर युवक बेहोश हो गया।पानी पिलाने के बाद भी युवक को होश नहीं आ रहा था युवक की ऐसी हालत देख पुलिस उसे अस्पताल लेकर पहुंची और अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।|इस खबर के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया हालांकि परिजनों का यह कहना है कि पुलिस की लापरवाही के कारण यह हुआ है। पैसों के लेनदेन का मामला तब शुरू हुआ जब मृतक कमलापति शुक्ला अपने भांजे जितेंद्र मिश्रा और एक अन्य के साथ उधारी लेने वाले पुष्पेंद्र पटेल के घर पहुंचा। पैसे की मांग करने पर जब पुष्पेंद्र द्वारा पैसे नहीं दिए गए तो पैसे के लेनदेन का एग्रीमेंट कराने के लिए पुष्पेंद्र को कार में बैठाया गया और उसे अधिवक्ता शारदा सिंह के नेहरू नगर स्थित आवास में ले गए जहां पर लिखा पढ़ी चल ही रही थी कि पुष्पेंद्र के परिजनों द्वारा पुलिस को अपहरण की सूचना दी गई और पुलिस लोकेशन ट्रेस करते हुए अधिवक्ता के घर पहुंच गए। मौके पर पुलिस युवक पुष्पेंद्र को छुड़ाने पहुंची तो विश्वविदित कमला प्रसाद शुक्ला ने संजय नगर की ओर पैदल दौड़ लगा दी। जानकारी के मुताबिक युवक कितना तेज दौड़ा कि उसकी सांस फूलने लगी युवक का पीछा करते-करते जब पुलिस युवक के पास पहुंची तो उनकी हालत खराब मिली। उपचार के लिए कमला प्रसाद को एसडीएमएच अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पूरे मामले में परिजनों का भी पक्ष जानना जरूरी था। परिजनों का कहना है कि पुलिस के डर से कमला प्रसाद भाग निकले और वह बेहोश हो गए जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया तब उनकी सांसे चल रही थी। परिजनों ने तीन 4 घंटे तक पुलिस प्रशासन व अस्पताल प्रबंधन से मृतक कमला प्रसाद को ले जाने की मांग करते रहे लेकिन उन्हें संजय गांधी अस्पताल से नहीं ले जाने दिया गया और अंततः युवक की मौत हो गई। परिजनों ने साफ-साफ पुलिस प्रशासन वह अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जब युवक को अस्पताल लाया गया तब उसकी सांसे चल रही थी लेकिन सही समय पर इलाज नहीं कराने के कारण उनकी मौत हो गई। युवक की मौत के बाद केशव का पंचनामा कराने के लिए भेज दिया गया पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही खुलासा हो पाएगा कि युवक की मौत किन कारणों से हुई है।