शहडोल जिला अस्पताल में फिर हुई शिशु की मौत एम्बुलेंस समय पर न पहुंचने के कारण हुई शिशु की मौत

शहडोल जिला अस्पताल में फिर हुई शिशु की मौत  एम्बुलेंस समय पर न पहुंचने के कारण हुई शिशु की मौत

शहडोल जिले में लगातार जिला अस्पताल कुशाभाऊ ठाकरे में बच्चों की मौत का सिलसिला जारी है पर अभी तक प्रदेश सरकार ने इस मामले में कोई बड़ी कार्यवाही नहीं की| इन 7 दिनों में बच्चों की मौत का आंकड़ा 15 हो चुका है पर जिला प्रशासन कोई बड़ी कार्यवाही करते नही दिख रहा| वही कल रात में बुढार उप स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों की लापरवाही से फिर एक नवजात बच्चे की मौत की खबर सामने आई| कल रात को सांबो की एक प्रसूति को उप स्वास्थ्य केंद्र बुढार लाया गया जहां पर से उसे जिला चिकित्सालय शहडोल रेफर किया गया पर सही समय पर एम्बुलेंस न मिलने के कारण महिला के परिवार जनों ने ऑटो में लेकर प्रसूति को जिला अस्पताल के लिए रवाना हो गए जहां रास्ते में ही महिला ने बच्चे को जन्म दिया पर समय पर उपचार न मिलने के कारण बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई लगातार शहडोल जिला अस्पताल से बच्चों के मौत का मामला सामने आ रहा है| आखिरकार उप स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों की लापरवाही उजागर हुई जहां| प्रदेश भर में एम्बुलेंस के लिए अलग बजट जाता है प्रदेश भर में इमरजेंसी सेवाएं उपलब्ध कराने की बात कही जाती है लेकिन यह हालात ऐसे है की डीलीविरी के समय इमरजेंसी सुविधाएँ नही पहुँच पाती और यही कारण ह की शिशु की मौत हुई| जिला चिकित्सालय कुशाभाऊ ठाकरे का मामला पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा दिया है पर सवाल ये है की ऐसे अपनी जिम्मेदारियों से बचते अधिकारियों के ऊपर जिला प्रशासन कोई बड़ी कार्यवाही क्यों नहीं करती अगर समय रहते जननी एक्सप्रेस वा  108 एंबुलेंस प्रसूता को मिल जाती  तो शायद बच्चे की जान बचाई जा सकती थी |