सरकार के द्वारा लिए जा रहे दक्षता परीक्षा में शिक्षकों में आक्रोश शिक्षक दक्षता परीक्षा में प्राचार्यों को भी किया जाए शामिल

सरकार के द्वारा लिए जा रहे दक्षता परीक्षा में शिक्षकों में आक्रोश शिक्षक दक्षता परीक्षा में प्राचार्यों को भी किया जाए शामिल

प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में 40% से कम परीक्षा परिणाम आने वाले विषय शिक्षकों की कमियों को टटोलने के लिए दक्षता संवर्धन परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है लेकिन होने वाली इस दक्षता परीक्षा में शिक्षकों में आक्रोश देखने को मिल रहा है जिले के हर क्षेत्रों से मार्तंड क्रमांक एक में परीक्षा देने आये शिक्षकों ने जानकारी देते हुए बताया की इस दक्षता परीक्षा में शिक्षकों को दोषी बनाया जा रहा है जो की गलत है उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया की क्या इस परीक्षा परिणाम में प्राचार्य दोसी नही है केवल शिक्षक ही दोसी है इतना ही नही उन्होने बताया की छात्र जो विषय में कमजोर  है उसे फिर से बताया जय और पुनः एग्जाम कार्य जाय इसमें शिक्षकों को दोसी मानना गलत है| इस दौरान मार्तंड क्रमांक 1 के प्राचार्य जीपी उपाध्याय ने बताया कि परीक्षा केंद्र में 184 शिक्षक उपस्थित है जबकि 12 शिक्षक अनुपस्थित रहे,, यह परीक्षा दोपहर 12:00 से 3:00 बजे तक चली|