सफ़ेद बाघों की मृत्यु पर पुष्पराज सिंह ने प्रकट की चिंता चिड़ियाघर में होने वाली लापरवाही को लेकर मुख्यमत्री को लिखा पत्र

सफ़ेद बाघों की मृत्यु पर पुष्पराज सिंह ने प्रकट की चिंता  चिड़ियाघर में होने वाली लापरवाही को लेकर मुख्यमत्री को लिखा पत्र

जरा सी लापरवाही ने मार्तंड सिंह जूदेव चिड़ियाघर के कई बाघों की जान ले ली| गोपी के बिसरा सैंपल और रक्त नमूनों की जांच स्थानीय स्तर पर की गई| इस जांच में ही बीमारी पकड़ में आई गोपी और नकुल की जान एक छोटे से ईकैनिस बैक्टीरिया ने ले ली| इस बैक्टीरिया से इहरलीथिया बीमारी की चपेट में बाघ आ गए थे लेकिन अब इन बाघों के मृत्यु के बाद विपक्ष के तेवर भी तेज हो गए है| आज राज विलास होटल में पुष्पराज सिंह के द्वारा इन बाघों की मृत्यु को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया एवं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम पर पत्र लिखा| उन्होंने आयोजित प्रेस वार्ता में सफेद बाघों की हुई मृत्यु को लेकर चिंता प्रकट करते हुए कहा बड़ी उम्मीद एवं आशा थी की यह मार्तंड सिंह जूदेव चिड़ियाघर पर्यटन के क्षेत्र में पूरे विंध्या रीजन को भारत के ही नहीं बल्कि पूरे विश्व पटल पर ले जाकर खड़े करेगा लेकिन विगत कुछ महीनों से इन आशाओं पर पानी फिरता नजर आ रहा है| उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि यहां पर जिन सफेद बाघों को बाहर से चिड़ियाघर में लाया जाता है उसका सुनियोजित ढंग से चेकिंग किया जाए और एक फाइल बनाई जाए| इससे अगर इस तरह की कोई घटना घटित होती है तो उन फाइलों के माध्यम से रोगों का पता लगाने में आशानी होगी| उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा की यह मार्तंड सिंह जूदेव चिड़ियाघर का जो क्षेत्रफल है वह काफी कम है इससे भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है| पुष्पराज सिंह ने बताया की चिड़ियाघर में वेटनरी डॉक्टरों की भी कमी है और जहां पर बाड़े बने है वहा पर लगी घांस की भी मॉनिटरिंग नहीं की जाती है, जिससे यह भी अंदाजा लगाया जा सकता है उनकी मौत का एक कारण यह भी हो सकता है |उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखते हुए मांग की है की इस चिड़िया घर में बरती जा रही लापरवाही को जल्द दूर किया जाय एवं विधिवत ढंग से डाक्टरों की नियुक्ति की जाय जिससे सफ़ेद बाघों की मानिटरिंग हो  सके|