तनिशा की रिपोर्ट फिर कोरोना पॉजिटिव, संपर्क में आए लोगों की बढ़ी धड़कने

तनिशा की रिपोर्ट फिर कोरोना पॉजिटिव, संपर्क में आए लोगों की बढ़ी धड़कने

रीवा में बीती देर रात 11 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई जिसमें से एक रिपीट केस डॉक्टर राजेश सिंघल की बेटी का भी है।  एक ओर जहां एक साथ 10 कोरोना मरीजों की पुष्टि होने से प्रशासन हैरान है तो वही तनीशा सिंघल की कोरोना रिपोर्ट एक बार फिर से रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद तनीशा के संपर्क में आने वाले लोगों में दहशत है| इसका कारण प्रशासन की लापरवाही भी हैं जब तनीशा डिस्चार्ज के बाद अपने घर लौटी थी तो उनका जोरदार स्वागत किया गया था वहा पर मौजूद लोग खुश थे और अति उत्साहित भी थे इस कारण से लापरवाही को और बढ़ावा मिल गया| और अब डॉक्टरों  की टीम और प्रशासन पर कई सवाल भी खड़े होने लगे हैं

डॉक्टर राजेश सिंहल की बेटी तनीषा सिंघल की तीसरी रिपोर्ट नेगेटिव आई थी| जिसके बाद डॉक्टर ने डिस्चार्ज पॉलिसी के तहत तनिषा को डिस्चार्ज किया और साथ ही सभी डॉक्टरों ने मिलकर तनिशा का हौसला बढ़ाया उसके बाद उन्हें उनके घर के लिए भेजा दिया गया जहां पर उनका जोरदार स्वागत हुआ उनके स्वागत में खुद रीवा एसपी आबिद खान मौजूद रहे उन्होंने पुष्पगुच्छ भेंटकर तनीषा का स्वागत किया| और मोहल्ले वासियों ने डांसिंग सिंगिंग कर उनका मनोबल बढ़ाया| लेकिन अभी भी तनीशा के चौथी रिपोर्ट का इंतजार था इसके पहले ही डॉक्टर और प्रशासन ने अति उत्साह के चलते वाहवाही लूटने के लिए उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया शाम को जब रिपोर्ट आई फिर से तनिशा की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई जिससे हड़कंप मच गया और एक बार फिर सैंपल जांच के लिए भेज दिया गया| रीवा में कोरोना के बढ़ते हुए मामलो से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि रीवा अब रेड जोन की कगार पर है| और रीवा में खतरा बढ़ता जा रहा है रीवा  में लगातार विस्फोटक अंदाज में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं तो वहीं प्रशासनिक लापरवाही भी देखी जा रही है| तनीशा सिंघल के  केस में भी ऐसा ही देखा गया डॉ मनोज इंदुलकर ने बताया कि तनीशा में कोरोना के लक्षण नहीं दिख रहे थे| लेकिन हैरानी की बात तो ये हैं की तनिषा अभी भी कोरोना पॉजिटिव हैं| अब तो प्रशासन और डॉक्टर की टीम पर सवाल खड़े हो रहे हैं लोग कह रहे हैं की  तनीशा सिंगल को घर भेजना था और उन्हें होम क्वारेंटाइन करना था यह अलग बात है कि डॉक्टर राजेश सिंघल की बेटी तनीषा में कोरोना के लक्षण नहीं दिख रहे थे लेकिन फिर भी उन्हें सख्ती से ह होम क्वारेंटाइन करना था किसी भी प्रकार की जश्न बाजी ऐसे समय में नहीं कराना था| फिर भी जो हो गया उसे बदला नहीं जा सकता है उम्मीद करते हैं कि यह  संक्रमण किसी को भी नहीं हुआ होगा

तनीशा सिंघल मामले से हमें सबक सीखना चाहिए चाहिए और अति उत्साह के बदले गंभीरता से काम करना चाहिए और हमें बधाई और उत्साहवर्धन के तरीकों में भी बदलाव करना चाहिए सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों के जरिए हमें हौसला बढ़ाना चाहिए क्योंकि आज की डेट में सोशल मीडिया में बहुत ताकत है| प्रशासन के लापरवाही और डॉक्टरों के अति उत्साह के चलते जिस तरह से तनीषा का स्वागत किया गया स्वागत में लोगों की भीड़ इकट्ठा हुई कहीं हैरानी की बात हैं| इस वक्त उनकी धडकने बढ़ी हुई होंगी| हमारा ऐसा मानना है कि सभी को ईमानदारी के साथ अपने टेस्ट करवाने चाहिए जो भी तनिषा के संपर्क में आए थे और उनको भी उन्हें होम कवारेंटाइन होना चाहिए|