कोरोना मरीज को कब्रिस्तान में दफनाने का हुआ विरोध, लोगों को समझाइश देकर कराया गया शांत

कोरोना मरीज को कब्रिस्तान में दफनाने का हुआ विरोध, लोगों को समझाइश देकर कराया गया शांत

कोरोना वायरस बड़ी तेजी से बढ़ रहा है तो वहीं अब आम जनता में कोरोना का खौफ बढ़ता जा रहा है| रीवा में भी कोरोना का खौफ देखा जा रहा हैं बीते दिन सतना जिले के बेला में यूपी के प्रतापगढ़ का एक प्रवासी मजदूर नसिरुद्दीन जिसकी उम्र 60 वर्ष की हैं सड़क दुर्घटना का शिकार हो गया था जिसकी संजय गाँधी अस्पताल में मौत हो गई। बाद में उसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव निकली और अब कोरोना संक्रमित मरीज की अंतिम संस्कार को लेकर बवाल मच गया| लोगों ने उसे कब्रिस्तान में दफनाने का विरोध किया और जेसीबी मशीन द्वारा खोदे गए गड्ढे को भी भर दिया। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची जिसने समझाइश देकर लोगों को शांत कराया। उसके बाद में अंतिम संस्कार किया गया।

कोरोना वायरस का खौफ जितनी तेजी से बढ़ रहा है इसका कोई मापदंड नहीं हो सकता है| रीवा सहित देशभर में कोरोना को लेकर लोग दहशत में हैं| कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में भी लगातार इजाफा हो रहा है ऐसे में लोगो के बीच में कोरोना का खौफ भी लगातार बढ़ता जा रहा हैं| इसी खौफ की वजह से रीवा में कोरोना संक्रमित मरीज के अंतिम संस्कार पर बवाल हो गया| स्थानीय लोग कोरोना पेशेंट को कब्रिस्तान में दफनाने का विरोध करने लगे थे और जेसीबी मशीन द्वारा खोदे गए गड्ढे को भी भर दिया था। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची जिसने समझाइश देकर वहा जमा हुए लोगों को शांत कराया। दरअसल बड़ी पुल के पास स्थित बड़े कब्रिस्तान में शव को दफ़नाने में ऐतराज जताया जा रहा था नगर निगम के द्वारा आज सुबह से कब्रिस्तान में अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही थी लेकिन तभी स्थानीय लोग एकत्र हो गए और इसका विरोध करने लगे। उनका आरोप था कि प्रशासन ने उनको झूठ बोला है और संक्रमित मरीज को यहां दफनाने का प्रयास कर रहे हैं। विवाद की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। इस दौरान पुलिस ने लोगों को समझाईश देकर शांत करवाने का प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने। कब्रिस्तान में करीब चार अलग-अलग स्थानों गड्ढा खुदवाया गया लेकिन लोगों ने कहीं भी दफनाने नहीं दिया कब्रिस्तान कमेटी के विरोध के बाद पुलिस शव को लेकर बिछिया थाने की कुठूलिया कब्रिस्तान पहुंची और शव को वहीं दफनाया गया है। लेकिन वहा दफनाये जाने पर कब्रिस्तान कमेंटी ने इसका जरा भी विरोध नहीं किया