करहिया कृषि उपज मंडी में किसानों की हो रही फजीहत, चार पांच दिन से भटक रहे किसान

करहिया कृषि उपज मंडी में किसानों की हो रही फजीहत, चार पांच दिन से भटक रहे किसान

देश का अन्नदाता किसान जो अपनी मेहनत से उपज तैयार कर देश को सामर्थवान बनाता हैं लेकिन आज वही किसान बेहद परेशान हैं कोरोना काल में किसानों की फजीहत रीवा के करहिया कृषि उपज मंडी में भी देखने को मिली जहां पर अपनी अनाज की तौल के लिए किसानों को 4 से 5 दिन भटकना पड़ रहा है| इतना इंतजार के बाद भी किसानों के अनाज के विक्रय नहीं हो पा रहे हैं  और सरकार संवेदनहीन दिखाई दे रही है| अब तो शहर की सबसे बड़ी करहिया कृषि उपज मंडी में किसानों का जमावड़ा लगा है लेकिन गेहूं की तौल न होने से वे परेशान हैं| चिंता की बात यह भी है कि मंडियों में ना तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो रहा है और ना ही सैनिटाइजेशन की व्यवस्था है ऐसे में संक्रमण का खतरा तो है ही लेकिन वहीं दूसरी तरफ देखा जाए तो पानी पीने के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं है जिससे किसान बेहद परेशान हैं लेकिन उनके पास दूसरा और कोई चारा भी नहीं और अगर इस बात की जानकारी होती तो कोई सुनने वाला नहीं है कभी कहते हैं कि बोरे खत्म है तो कभी लेबर संकट का बहाना बना दिया जाता है| भीड़ बढ़ने के साथ रोज किसानों को मेसेज के जरिए बुला लिया जाता है लेकिन कॉल नहीं होती है।