अवैध होर्डिंग्स को हटाने पहुंचा निगम अमला आधा टावर काटने के बाद दुम दबाकर निकला

अवैध होर्डिंग्स को हटाने पहुंचा निगम अमला आधा टावर काटने के बाद दुम दबाकर निकला

पिछले दिनों आये तूफ़ान में शाम 5:45 पर हवा के झोंके से एक हार्डिंग टावर गिरने से बैंक मैनेजर की दर्दनाक मौत हो गई| बिल्डिंग नगर निगम की थी और लगाई गई होर्डिंग्स यूनिक एडवर्टाइजमेंट की लेकिन महज 1 घंटे के अंदर ऊपर से गिरे एक भारी-भरकम टावर के मलबे का गायब हो जाना और कहीं उसकी जब्ती ना होना यह नगर निगम की कार्यशैली पर सवालिया निशान है लेकिन इस संबंध में जब नगर निगम से बात की तो आइये जानते है की क्या हुआ|

 

जब नगर निगम से बात गई तो आनन-फानन में कागज तैयार किए जाने लगे| आपको बता दें कि एक ओर नगर निगम होर्डिंग को अवैध बता रहा था यह कह रहा था कि उसकी समय सीमा समाप्त हो चुकी थी तो फिर सवाल उठता है कि जिसकी होर्डिंग्स थी उसके ऊपर प्रकरण क्यों नहीं दर्ज किया गया और यदि अवैध हो चुकी थी तो नगर निगम ने अपने बिल्डिंग से उसे हटवाया क्यों नहीं| आनन-फानन में आज 30 मई को नगर निगम अमला एक लंबी चौड़ी  लिस्ट लेकर नगर में लगी होर्डिंग्स निकालने के लिए निकल पड़ा|  साईं मंदिर के सामने सुलभ कांप्लेक्स के ऊपर लगी हार्डिंग को गैस कटर से काटना भी शुरू कर दिया तभी वहां यूनिक के हेड आ पहुंचे और एक के बाद एक धमकी देनी शुरू कर दी| यही नहीं सारे अधिकारियों को अपने लाइन पर ले लिया| देखते ही देखते ऐसा क्या दबाव आया कि नगर निगम अमला आधा टावर काटने के बाद वहां से दुम दबाकर निकल गया| आपको बता दें कि अभी जो टेंडर डाले गए थे उसमें बकाया राशि के बावजूद चेक बाउंस होने के बावजूद यूनिक एडवर्टाइजमेंट को एनओसी भी जारी कर दी गई| जब इस विषय में बात की गई की आखिर आधी कार्यवाही के बाद टावर को इस हालत में क्यों छोड़ कर जाया जा रहा है जबकि 2 दिन पूर्व ही एक बड़ी घटना हुई है तो नगर निगम अमला यह कहकर भागता नजर आया कि पहले तीसरी मंजिल पर लगे टावरों पर कार्रवाई करेंगे| अगर ऐसा ही करना था तो आधा टावर क्यों काटा गया| क्या आम आदमी का जीवन इतना सस्ता है कि कोई भी अवैध तरीके से लगाए गए मौत के सामान के नीचे आकर दब जाए| तो कर्मचारियों का कहना है कि इस विषय में अधिकारियों से बात करें| आखिर कब तक नगर निगम नेताओं और अधिकारियों के इशारे पर नाचता रहेगा|