सोनू सूद से मदद पर कैसा सवाल,क्या अपने क्षेत्र के लोगों के लिए मदद मांगना गलत

सोनू सूद से मदद पर कैसा सवाल,क्या अपने क्षेत्र के लोगों के लिए मदद मांगना गलत

मध्य प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री एवं विधायक राजेंद्र शुक्ल ने इस लॉक डाउन में प्रवासियों को वापस लाने के लिए हर संभव मदद की| इसके लिए वे देश के कोने कोने में स्थानीय लोगों से विंध्य रीवा के मजदूरों को वापस भेजने के लिए कई बार मदद के लिए कहा| एक बार फिर पूर्व मंत्री ने फिल्म अभिनेता सोनू सूद से मुंबई में फंसे हुए प्रवासी श्रमिकों को वापस भेजने में मदद करने की बात कही लेकिन इस बार सोनू सूद से मदद मांगने पर कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने उनकी आलोचना करना शुरू कर दी| कांग्रेस के नेताओं का कहना है पूर्व मंत्री के द्वारा सोनू सूद से मदद मांगना सरकार के दावों की पोल खोल रहा है इसके साथ ही  प्रदेश की बीजेपी सरकार व केंद्र की बीजेपी सरकार के ऊपर आरोप लगाया जा रहा है कि सरकारें प्रवासी मजदूरों को वापस लाने में असमर्थ हैं जबकि रीवा विधायक के द्वारा एक और ट्वीट करके जानकारी दी गई कि भारी संख्या में केंद्र प्रदेश की सरकार प्रवासी मजदूरों को अपने क्षेत्र में ला रही है| आपको बता दे की कोरोना से हुए लॉक डाउन के बीच राजेन्द्र शुक्ल ने सोशल मीडिया के माध्यम से विन्ध्य और रीवा के बाहर फंसे हुए लोगों को मदद पहुंचाई थी.ऐसे में पूर्व मंत्री द्वारा फिल्म अभिनेता सोनू सूद से मदद मांगने पर जहाँ एक पक्ष बीजेपी सरकार को घेर रहा है वही दूसरा पहलु यह भी है की अपने क्षेत्र के लोगों के लिए मदद मांगने पर विवाद कैसा| लॉक डाउन फर्स्ट फेस से ही विन्ध्य के बाहर फंसे लोगों के लिए  सोशल मीडिया एक बड़ा हथियार बनकर सामने आया था|पहले भी यह देखा गया था की ट्वीटर के माध्यम से जनप्रतिनिधियों ने आम जन को बहुत राहत दी थी चाहे बात मुश्किल दौर में राशन पहुचाने की हो या आर्थिक मदद की जनप्रतिनिधि आगे रहकर मदद करते आये है|