मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पिछली सरकार को ही कठघरे में खड़ा कर दिया

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पिछली सरकार को ही कठघरे में खड़ा कर दिया
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पिछली सरकार को ही कठघरे में खड़ा कर दिया

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने  

कहा कि आपकी सरकार में उच्च पदों की बोलियां लगीं। आपके पास विधायकों-मंत्रियों से मिलने का समय नहीं था, लेकिन ठेकेदारों के लिए समय था।

सीएम की इन बातों पर कई बार पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी उन्हें जवाब दिया। सरकार गिरने का जिक्र करते हुए शिवराज सिंह ने कहा कि परिणाम आने पर हमने कोई जोड़-तोड़ नहीं की। आपने जो वादे किए, उन्हें पूरा नहीं कर पाए। आपकी जीत में कर्ज माफी का बड़ा योगदान था, लेकिन उसे पूरा नहीं कर पाए। जनहित की कई योजनाओं काे बंद कर दिया। जो साथी हमारे साथ आए, वो कैरियर को दांव पर लगा कर आए थे।

उपचुनाव में उन्होंने रिकॉर्ड तोड़ जीत हासिल की। ये सब हीरे हैं। कोरोना काल में हमने अलग-अलग योजनाओं में जनता के खाते में 1,18,455 करोड़ रुपए पहुंचाए। किसानों को केंद्र से छह हजार रुपए मिलने लगे, तो हमने उसमें राज्य की तरफ से चार हजार रुपए और दिए। 78 लाख किसानों को राहत पहुंचाई। गरीबों के इलाज के लिए दो करोड़ आयुष्मान कार्ड बनवाए |

कमलनाथजी, आपको मैं साइकिल किसी भी कीमत पर नहीं भिजवाऊंगा, उम्र का भी तो लिहाज करना है मुझे : शिवराज

शिवराज - आपके समय उच्च पदों की बोलियां लगीं ।
कमलनाथ - एक नाम बता दें, जिस पर बोली लगी हो।

कमलनाथ - आप अगले साल इस प्रस्तावित का जवाब दे दीजिएगा।
शिवराज - आप कहते हैं, नरेंद्र मोदी का नाम क्यों लिया। पूरी दुनिया नाम ले रही और उनकी बात सुन रही है।
कमलनाथ - किसानों ने तो उनकी बात नहीं सुनी।
शिवराज - पूरे देश का किसान साथ है।
शिवराज - आपके नेता ने कहा कि 10 दिन में कर्जा माफ होगा।

कमलनाथ - पहले घंटे में उस पर हस्ताक्षर किए। आपकी सरकार ने ही माना कि 27 लाख किसानों का कर्ज माफ हुआ।
शिवराज - कितना होना था, जब व्यवस्था नहीं थी, तो कहा क्यों।
शिवराज- किसानों का फसल बीमा का प्रीमियम नहीं भरा। हमने 2200 करोड़ रुपए भरा।
कमलनाथ - वर्ष 2017-18 का प्रीमियम आपने नहीं भरा था।
शिवराज - हमने 8800 करोड़ रुपए किसानों के खाते में डाले।