शहडोल जिले के ग्रामीणों ने कोरोना से लड़ने का बीड़ा उठाया अपने कंधे, गांव का मुख्य मार्ग किया बंद

शहडोल जिले के ग्रामीणों ने कोरोना से लड़ने का बीड़ा उठाया अपने कंधे, गांव का मुख्य मार्ग किया बंद

शहड़ोल जिले में कोरोना संक्रमण के दो मामले सामनें आनें के बाद ग्रामीण ईलाकों के रहवासी इस महामारी से निपटनें के लिये अपनें गांवों को लॉकडाउन करनें लगे हैं| जिले के दर्जनों ऐसे गांव हैं जहां गांव में प्रवेश के रास्तों को ग्रामवासियों नें  बंद कर आवाजाही पर रोक लगा दी है| जिले के अलग-अलग ईलाकों के ऐसे दर्जनों गांव है जो अब बंद है और इन गांवों पर कुछ लोग बकायदे पहरेदारी कर रहे हैं ताकि कोई अनजान गांव में ना जा सके| 

जिले में कोरोना संक्रमण के तीन मामले सामनें आनें के बाद ग्रामीण इलाकों के रहवासियों नें इससे लड़नें का बीड़ा खुद ही उठा लिया है| ग्रामीण अपनें गांव के मार्गों को बंद कर समस्त आवाजाही पर रोक लगा दी है| अति आवश्यक सेवाओं के साथ ही आम जरूरतों और शासकीय वाहनों के प्रवेश के लिये अलग से इंतजाम कर ग्रामीण किसी भी बाहरी व्यक्ति को गांव में आनें नहीं देना चाहते|  ऐसे दर्जनों गांव है जहां के मुख्य मार्गों को गांव वालों नें सामूहिक रुप से बंद कर बकायदे पहरेदारी कर रहे हैं| बंद किये गये इन गांवों में से कई गांव मुख्य मार्गों से लगे हैं| कई ऐसे भी गांव है जिनके आस-पास कोयला खदानें या अन्य उद्योग है| जिससे इन गांवो में बाहरी व्यक्तियों के साथ ही ट्रांसपोर्ट कार्य से जुड़े बाहरी व्यक्तियों का लगातार आना - जाना रहता है| इन गांवों में प्रवेश के पहले ग्रामीण अब पहचान पूछनें के साथ ही आनें वालों की ट्रेवल हिस्ट्री और मेडिकल जांच रिपोर्ट की जानकारी भी मांग रहे हैं|  ग्रामीणों का कहना है कि इससे उन्हें परेशानियों का सामना तो करना पड़ रहा है लेकिन वह  किसी भी हाल में कोरोना को अपनें गांव में आनें नहीं देगे| बहरहाल इस जागरुकता से अब प्रशासन और पुलिस को भी सहायता मिल रही है|