Rewa: रीवा में कार्यालयों में भी कोरोना का दहशत, कोरोना के कहर में है कर्मचारी.

Rewa: रीवा में कार्यालयों में भी कोरोना का दहशत, कोरोना के कहर में है कर्मचारी.

रीवा में कार्यालयों में भी कोरोना का दहशत, कोरोना के कहर में है कर्मचारी. कोरोना का सक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है और अब कोरोना का कहर कार्यालयों में पहुंच गया है. गुरुवार की सुबह आई रिपोर्ट में नगर निगम कार्यालय में कम्प्यूटर के पद पदस्थ एक कर्मचारी व पंजीयन कार्यालय के एक अधिकारी की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. पॉजिटिव मरीजों की जानकारी लगते ही कार्यालयों में खलबली मच गई और कर्मचारी कार्यालय छोड़कर बाहर आ गए. कर्मचारियों का कहना था कि कार्यालय को 14 दिनों के लिए बंद किया जाना चाहिए. ननि कर्मचारियों का कहना था कि कार्यालय में कोरोना को लेकर लापरवाही की गई है. कार्यलय को सैनिटाइज नहीं किया जा रहा है और न ही सुरक्षा को लेकर कोई कदम उठाए जा रहे हैं. ननि कर्मचारी संघ के राजेश चुर्तर्वेदी ने कहा कि ननि प्रशासन अगर निर्णय नहीं लेता है तो कर्मचारी शुक्रवार को बैठक करके चर्चा करेंगे. कोरोना मरीज सामने आने के बाद पंजीयन कार्यालय को बंद कर दिए गया था, लेकिन भोपाल से आए आदेश के बाद कलेक्टर ने एक बार फिर पंजीयन कार्यालय का कामकाज शुरू करवा दिया. जबकि अधिकारी के कक्ष को बंद कर दिया गया है. वहीं ननि के उस कक्ष को भी सील किया गया है जिसमें बैठकर कर्मचारी कम्प्यूटर पर काम करता था. जबकि कर्मचारियों की मांग रही कि पूरा कार्यालय सील करके सभी की जांच कराई जाए. बीते 24 घंटे के अतंरात में जिले में कोरोना के 8 मरीज सामने आए हैं. जिसमें अधिकारी-कर्मचारी एवं दवा विक्रेता सहित 8 मरीज है. जिसके चलते जिले में कोरोना के मरीजों की संख्या 167 हो गई है. वहीं 8 मरीजों के ठीक हो जाने से उनकी छुट्टी हो गई और 88 केस सक्रिय हैं. कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए गृह विभाग के निर्देश पर कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट इलैयाराजा टी ने संपूर्ण रीवा जिले में प्रत्येक शनिवार तथा रविवार को लॉकडाउन के आदेश दिए हैं. यह आदेश दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं. आदेश का उल्लंघन करने वालों तथा कोरोना से बचाव के निर्देशों का पालन न करने वालों के विरूद्घ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. जिले में प्रतिदिन रात 8 बजे से सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू लागू रहेगा. जिले में संचालित सभी संभागीय एवं जिला स्तरीय शासकीय कार्यालय सामान्य रूप से संचालित होंगे. स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर शासकीय तथा अशासकीय कार्यालयों एवं निजी प्रतिष्ठान 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ संचालित किए जाएंगे. सभी शासकीय कार्यालयों में अधिकारियों की शत- प्रतिशत उपस्थित रहेगी. राजस्व अर्जित करने वाले कार्यालय सामान्य रूप से खुले रखे जाएंगे. शासकीय तथा निजी संस्थानों में यदि कोई व्यक्ति कोविड-19 संक्रमित पाया जाता है तो लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार समस्त कार्रवाई की जाएगी. प्रतिबंध की अवधि में राजस्व, पुलिस, बैंक, बिजली विभाग, स्वास्थ्य विभाग, स्थानीय निकाय तथा अति आवश्यक एवं आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराने वाले विभाग लॉकडाउन से मुक्त रहेंगे. निरंतर उत्पादन करने वाले औद्योगिक संस्थान भी लॉकडाउन से मुक्त रहेंगे. कोविड-19 के प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय स्तर एवं राज्य स्तर से जारी निर्देशों का उल्लंघन करने वालों, मास्क अथवा फेस कवर उपयोग न करने वालों तथा शरीरिक दूरी का पालन न करने वालों के विरूद्घ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. विवाह, अंत्येष्टि कार्यक्रम, निजी कार्यक्रम में निर्धारित संख्या से अधिक संख्या में लोगों के शामिल होने पर भी आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.