अपनी मांगों को लेकर सहायक सचिवों ने जिला प्रशासन को सौंपा ज्ञापन मांग पूरी न होने पर आन्दोलन की दी चेतावनी

अपनी मांगों को लेकर सहायक सचिवों ने जिला प्रशासन को सौंपा ज्ञापन मांग पूरी न होने पर आन्दोलन की दी चेतावनी

शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को दिन रात मेहनत करके जमीनी स्तर पर पहुंचाने वाले रोजगार सहायकों ने कल कलेक्ट्रेट परिसर में इकट्ठा होकर जिला प्रशासन को अपनी समस्याओं से अवगत कराते हुए एक ज्ञापन पत्र सौंपा !ज्ञापन के माध्यम से रोजगार सहायकों ने प्रदेश सरकार से मांग किया है कि छोटी-छोटी गलतियों में रोजगार सहायकों की सीधे सेवा समाप्त कर दी जाती है ऐसा ना करते हुए उन्हें निलंबित किए जाने की प्रक्रिया बनाई जाए इस दौरान उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाए| ज्ञापन पत्र में रोजगार सहायक संगठन ने उल्लेख किया है कि उन पर काम को लेकर अनावश्यक दबाव बनाया जाता है आवास की राशि हितग्राहियों के खाते में भेजी जाती है लेकिन काम का दबाव रोजगार सहायकों के ऊपर बनाया जाता है और प्रगति कम होने पर उन्हें सीधे सेवा से समाप्त कर दी जाती है,रोजगार सहायक संगठन के जिला अध्यक्ष शिवाकांत मिश्रा ने बताया कि महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना जो मांग आधारित है उसमें भी जबरन लेबर बढ़ाने का दबाव बनाया जाता है और प्रगति कम होने पर संबंधित पंचायत के रोजगार सहायकों को अवैतनिक किया जाता है या उनकी सेवा समाप्त कर दी जाती है| इस कार पर तत्काल अंकुश लगाया जाए अधिकांश पंचायतों में रोजगार सहायकों को बीएलओ कार्य का दायित्व भी सौंपा गया है जिससे उन्हें मुक्त किए जाने की मांग ज्ञापन पत्र में रखी गई है इसके अलावा रोजगार सहायकों ने पंचायत सचिव एवं सहायक सचिव के कार्यों का स्पष्ट विभाजन किए जाने की मांग भी की  है|