शासन की योजनाओं से वंचित राजेश वर्मा 10 साल से भटक रहा है रोजगार और साधन के लिए

शासन की योजनाओं से वंचित राजेश वर्मा  10 साल से भटक रहा है रोजगार और साधन के लिए

सरकार गरीब को मकान से लेकर हर सुविधा मुहैया करा रही है पर अधिकारी सरकार की योजनाओं को खोखली करती दिख रही है ऐसा ही नया मामला शहडोल जिले के तहसील बुढार के ग्राम हाथी डोल से सामने आया जो गरीबी की मार झेल रहे एक वर्मा परिवार जहां पति पत्नी दोनों विकलांग हैं प्रशासन की योजनाओं का लाभ पाने के लिए कलेक्ट्रेट से लेकर तहसील तक दर-दर की ठोकरें खाते दिख रहे हैं पर जिला प्रशासन आज भी मौन बनी हुई है | राजेश वर्मा की कहानी सुनकर किसी का भी दिल सहम जाए| राजेश वर्मा ने मीडिया को बताया कि मैं बचपन से ही दोनों पैर से विकलांग हूं व मेरी पत्नी भी एक हाथ से विकलांग है  मैं शासन प्रशासन के दरवाजे आज 10 वर्षों से शासन की योजना पाने के लिए खटखटा रहा हूं पर गरीबों की कौन सुनता है मैं शासन से विकलांगों को मिलने वाली ट्राई स्कूटी के लिए कलेक्ट्रेट से लेकर तहसील तक कई बार आवेदन किया पर आज तक मुझे शासन का यह लाभ  नहीं मिल पाया| राजेश वर्मा ने मीडिया से यह भी बताया कि मेरी पत्नी एक हाथ से अपाहिज है जिसके पेंशन के लिए मैं कई बार तहसील बुढार के चक्कर लगा रहा हूं पर आज तक मेरी पत्नी को पेंशन का लाभ नहीं मिल पाया| आखिरकार यह कैसी सरकार है जहां योजनाएं तो बहुत हैं पर गरीबों के लिए नहीं तो आखिरकार यह योजना किसके लिए बनाई गई हैं इन योजनाओं का लाभ किसको मिलना चाहिए यह प्रशासन के सामने बड़ा सवाल उठता है विकलांग राजेश वर्मा ने यह भी बताया कि मैं पढ़ा लिखा हूं व कलाकार भी हूं पर मेरे पास कोई रोजगार नहीं लोन के लिए दर-दर की ठोकरें खाया पर आज तक किसी भी बैंक ने मेरी मदद नहीं की|  यह सिर्फ एक की कहानी नही है राजेश वर्मा जैसे न जाने कितने और भी गरीब है जो आज भी सरकार की योजनाओं से वंचित है|