रेडक्रॉस ने पेट्रोल पंप संचालक को डीजल देने से किया मना, 3 घंटे तक परेशान हुए मजदूर

रेडक्रॉस ने पेट्रोल पंप संचालक को डीजल देने से किया मना, 3 घंटे तक परेशान हुए मजदूर

 रीवा के मुख्य बाजार पर स्थित गुप्ता पेट्रोल पंप में डीजल लेने को लेकर तकरीबन 3 घंटे तक बसों की लंबी कतार लगी रही और पेट्रोल पंप संचालक बसों में डीजल डालने को तैयार नहीं हुए जिसके कारण बसों में बैठे प्रवासी मजदूरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा ... दरअसल प्रशासन और पेट्रोल पंप संचालक के बीच लेनदेन को लेकर मजदूरों को काफी परेशान होना पड़ा...

लॉकडाउन के दौरान देश के अलग-अलग कोनों से अपने घर लौट रहे प्रवासी मजदूरों को जहां लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है वहीं अब प्रशासन भी लापरवाही बरतते हुए देखा जा रहा है... रीवा के एक पेट्रोल पंप में प्रशासन की ऐसी ही लापरवाही देखने को मिली जहां मजदूरों को खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ा और 3 घंटे तक लगातार मजदूर परेशान रहे... दरअसल रेडक्रॉस के द्वारा प्रवासी मजदूरों को ले जाने वाली बसों के लिए शहर का मुख्य गुप्ता पेट्रोल पंप चिन्हित किया गया है परंतु प्रशासन और पेट्रोल पंप संचालक के बीच लेनदेन को लेकर बात अटक गई और अब प्रशासन ने खुद ही पेट्रोल पंप संचालक के द्वारा बसों में डीजल देने के लिए मना कर दिया जिसके बाद मजबूर मजदूर परेशान होते रहे... पेट्रोल पंप संचालक का कहना है कि आपसी लेन-देन को लेकर रेडक्रॉस ने ही उन्हें डीजल देने से मना किया था जिसके कारण उन्होंने 3 घंटे तक बसों को कतार में खड़े रखा और बाद में जब मीडिया का हस्तक्षेप हुआ तो रेडक्रॉस ने स्वयं पेट्रोल पंप संचालक को बसों में डीजल देने की बात कही ... हालांकि मामले को लेकर अब भी प्रशासनिक अमला कुछ भी कहने से बचता नजर आ रहा है..और  लेन-देन की बात को झूठलाने का प्रयास किया जा रहा है... बताया जा रहा है कि पेट्रोल पंप संचालक और प्रशासन के बीच 40 लाख का लेनदेन अभी बाकी है