शासन द्वारा बसों के माध्यम से वापस आ रहे मजदूर, शासन के नियम दरकिनार

शासन द्वारा बसों के माध्यम से वापस आ रहे मजदूर, शासन के नियम दरकिनार

लॉक डाउन मे सबसे बडी छति रोज कमाने खाने वालो मजदूरों की हुई है जहाँ अपने घरो से दूसरे राज्यो के लिए काम मे निकले और इस कोरोना महामारी ने पूरे देश के कार्यो को रोक दिया.जिससे मजदूरों के सामने रोजी रोटी की नौबत सामने आ पड़ी| देश मे लॉक डाउन से कई मजदूर जिनके सामने कई समस्याएं आई और मजदूर पैदल सायकल या फिर किसी भी साधन से अपने घरो को निकल पडा़ इन मजदूरों की कई समाजसेवी व प्रशासन ने भरपूर मदद भी की कई मजदूरों ने घर वापसी मे अपनी जान भी गँवा दी पर मजदूर तो अब घर जाने को मजबूर हो गया| दूसरे राज्यो से प्रवासी मजदूरों को घर भेजने के लिए राज्य सरकारो ने बस वा ट्रेन की व्यवस्था की पर शायद प्रवासी मजदूरों को ले जाने वाली बसो मे सीट से अधिक मजदूरों को लगातार एक राज्य से दूसरे राज्य भेजा जा रहा है| वही आज उत्तर प्रदेश से कई बसो मे प्रवासी मजदूरों को भेजा जा रहा है पर कोई भी मजदूर शासन के निर्देशो का पालन करते नही दिखा और ये मजदूर खुले आम शासन के निर्देशो की धज्जियां उड़ाते दिख रहे है| अभी कई जिले ऐसे है जहॉ रोज कोरोना मरीजो की संख्या बढ़ रही है पर ना ही राज्य सरकार ध्यान दे रही है ना ही जिला प्रशासन जो इन मजदूरों के पलायन से इस महामारी के आकड़े गांव व शहरो मे बढ़ते नजर आ रहे है|