मनरेगा के कामो मे पंचायत कर्मी मजदूरों का कर रहे शोषण

मनरेगा के कामो मे पंचायत कर्मी मजदूरों का कर रहे शोषण

जहॉ पूरा देश इस कोरोना महामारी से लड़ने के लिए शासन प्रशासन लोगो को सोशल डिशटेनसींग बा मास्क लगाने को लेकर जागरूकता अभियान चला रही है .वही सरकार मजदूरों के लिए मनरेगा के तहत सभी पंचायतों मे रोजगार दिलाए जाने के निर्देश दिए है और शासन के निर्देशो का पालन करने के निर्देश भी सभी पंचायतों को दिए गए पर पंचायत कर्मी जिला प्रशासन के निर्देशो को दर किनार कर मनमानी मे उतारू दिखाई दे रहा है .

मामला  शहडोल जिले के जनपद पंचायत बुढार के ग्राम पंचायत सिधली का है जहॉ पंचायत के द्वारा मिनाक्षी तालाब का कार्य कराया जा रहा है जिसमे लगे गरीब मजदूरों का सचिव मानसिंह पाव वा रोजगार सहायक राजेन्द्र सिंह खुल कर शोषण करते नजर आ रहे है| धूप मे काम कर रहे मजदूरों को पीने के लिए पानी तक की कोई व्यवस्था नहीं की गई, ना ही शासन के निर्देशो का पालन किया जा रहा था| यहॉ तक कि नाबालिग 16वर्ष के लड़के भी इस मनरेगा के कार्यो मे कार्य करते दिख रहे है| आखिरकार कुछ दिन पूर्व प्रशासन ने मास्क सेनेटाईजर के नाम पर पंचायतों को 30हजार रुपए दिए थे तो मनरेगा मे कार्य कर रहे मजदूरों व ग्रामीणों को मास्क क्यों नही बाटे गए| क्या मास्क और सेनेटाईजर के नाम पर भी कोई भ्रष्टाचार का खेल खेला जा रहा है? क्या सीधली पंचायत मे ग्रामीणों को मास्क नही बाटे गए? मनरेगा मे कर रहे मजदूरों को शासन के गाईडलाईन के अनुसार सुविधा क्यु नही दी जा रही| कई सवाल है जो गरीब जनता शासन प्रशासन से गोहार लगा रही है कब होगी कार्यवाही ये तो प्रशासन ही जाने| शहडोल से पंकज राव की रिपोर्ट .